जयपुर। राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण वातावरण सुनिश्चित करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग लगातार जमीनी स्तर पर निगरानी कर रहा है। इसी क्रम में स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजेश यादव ने बुधवार को जयपुर एवं दौसा जिले के विभिन्न राजकीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर भवनों की गुणवत्ता, शैक्षणिक व्यवस्थाओं और आधारभूत सुविधाओं का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने बताया कि विद्यालय भवनों की जर्जर स्थिति बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है। ऐसे भवनों से विद्यार्थियों को तत्काल दूर रखा जाए तथा जर्जर घोषित भवनों को बिना विलंब ध्वस्त किया जाए। वहीं, क्षतिग्रस्त भवनों की आवश्यक मरम्मत कर उन्हें सुरक्षित बनाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजशाला संबलन ऐप के माध्यम से निजी विद्यालयों की नियमित डिजिटल मॉनिटरिंग की जाए तथा शैक्षणिक गुणवत्ता का प्रभावी मूल्यांकन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जिले के सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों के नामांकन बढ़ाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि कोई भी बच्चा विद्यालय से बाहर नहीं रहना चाहिए। रीक्षण के दौरान समग्र शिक्षा के अधिशासी अभियंता श्री सुमित तिवाड़ी, सहायक अभियंता श्री अजय जांगिड़, जयपुर जिले की मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती मुकुल कविया सहित जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग एवं समग्र शिक्षा के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
स्वयं भवनों की छतों पर चढ़कर लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान श्री यादव ने केवल अधिकारियों से जानकारी लेने तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि स्वयं विद्यालय भवनों की छतों पर चढ़कर निर्माण गुणवत्ता का निरीक्षण किया। जिन विद्यालयों में स्थायी सीढ़ियों की व्यवस्था नहीं थी, वहां उन्होंने अस्थायी सीढ़ी के माध्यम से छत पर पहुंचकर भवनों की स्थिति की जांच की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भवनों की नींव एवं छत पर वर्षा के दौरान जलभराव की स्थिति नहीं बननी चाहिए तथा छतों और विद्यालय परिसर की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए।
बस्सी के विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण
जयपुर जिले के बस्सी ब्लॉक में उन्होंने राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, त्रिलोकपुरा, कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, कल्याणपुरा, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, कल्याणपुरा तथा राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, सुजानपुरा का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय भवनों की स्थिति, कक्षाओं में शिक्षण व्यवस्था, आधारभूत सुविधाओं एवं सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मिड-डे मील को चखकर भोजन की गुणवत्ता की जांच की। श्री यादव ने केजीबीवी में बालिकाओं से शैक्षणिक व्यवस्था के साथ साथ अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी जानकारी ली। उन्होंने शिक्षकों से भी संवाद किया और विद्यालय में आ रही समस्याओं, नामांकन आदि पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने शिक्षण के साथ बच्चों की सुरक्षा में किसी भी तरह की कौताही न बरतने के निर्देश दिए। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण वातावरण विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा विद्यालयों में सुरक्षा और निर्माण गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लापरवाही करने वालों को किसी भी तरह से बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों से भी संवाद किया और विद्यालय की व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
निर्माणाधीन विद्यालय भवन का अवलोकन
इससे पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव ने दौसा जिला स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भण्डाना एवं राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पालावास का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय भवनों की सुरक्षा, निर्माण गुणवत्ता, कक्षाओं तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं का जमीनी स्तर पर जायजा लिया और व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। श्री यादव ने निर्माणाधीन भवन का भी अवलोकन किया तथा उसकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नॉन-डिस्ट्रक्टिव टेस्ट (एनडीटी) कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि कोई भवन निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरता है अथवा परीक्षण में असफल पाया जाता है तो उसका पुनर्निर्माण कराया जाएगा।
समीक्षा बैठक में दिए सख्त निर्देश
श्री यादव ने दौसा जिला कलक्ट्रेट सभागार में जिले के शिक्षा अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर शिक्षा व्यवस्था, शैक्षणिक गुणवत्ता एवं विद्यालयों के आधारभूत ढांचे की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विद्यार्थियों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सभी अधिकारियों को पूरी गंभीरता, संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा।

विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता —अतिरिक्त मुख्य सचिव
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