अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को लेकर कांग्रेस नेता अशोक गहलोत बोले, भाजपा-संघ एक्सपोज हो गए

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जयपुर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने बंगाल में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि इस घटना ने भाजपा और संघ के चरित्र को एक्सपोज कर दिया है। जयपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने कहा कि वहां जब से चुनाव टीएमसी हारी है तब से वहां गुंडागर्दी चरम पर है। आरएसएस-भाजपा के चाल, चरित्र और चेहरे वाले लोग पूरी तरह एक्सपोज हो गए हैं। वहां पर गली-गली में गुंडागर्दी हो रही है, टीएमसी के कार्यालयों पर लगातार हमले हो रहे हैं, कब्जे करवाए जा रहे हैं। बंगाल के अंदर चल रही गतिविधि को पूरा देश देख रहा है तो सरकार क्यों चुप है। पुलिस सरकार बदलते ही खुद बदल जाती है और सब जानते हैं कि सत्ता में बैठी सरकार की बात माननी उनकी मजबूरी होती है। उन्होंने कहा कि मैंने पहले ही कह दिया था कि अगर भाजपा बंगाल में घुस गई तो पूरा देश निराश होगा। मैंने यह सोच-समझकर कहा था। बंगाल की अपनी अलग संस्कृति, त्याग और बलिदान की परंपरा है-सुभाष चंद्र बोस से लेकर रवींद्रनाथ टैगोर तक। भाजपा खुद नहीं घुसी बल्कि इलेक्शन कमीशन ने उसे मौका दिया है। आयोग ने वहां ढाई लाख कर्मचारी लगा दिए, जबकि पूरे देश के चुनाव में भी सिर्फ तीन लाख लगते हैं। यूपी के आईपीएस अधिकारी मोहल्लों में जाकर लोगों को धमका रहे थे जबकि उनका काम सिर्फ ऑब्जर्व करना होता है, धमकाना नहीं। चुनाव में 27 लाख लोगों को वोट देने का मौका ही नहीं मिला। इसलिए चुनाव को कुछ महीने के लिए टाल देना चाहिए था। अच्छे पत्रकार और सोशल मीडिया पर बुद्धिजीवी भी यही कह रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस पर टिप्पणी की है। एक भी नागरिक का वोट छीनना गलत है। वोट देने का अधिकार किसी को भी नहीं छीनना चाहिए। गहलोत ने कहा कि देश की स्थिति अब बहुत खराब हो गई है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार खुद को डबल इंजन की सरकार कहती हैं लेकिन बंगाल में वो डबल इंजन लोगों पर डबल मार के रूप में पड़ रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि डबल इंजन की सरकार बनेगी तो विकास होगा लेकिन वही डबल इंजन आज गुंडागर्दी और दमन के लिए इस्तेमाल हो रहा है। पूरे देश के लोगों खासकर युवा पीढ़ी को यह समझना बहुत जरूरी है कि देश किस दिशा में जा रहा है और हमें कैसी विचारधारा अपनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि क्या देश आज उसी भावना से चल रहा है, जिसकी बात बाबासाहेब अंबेडकर और गांधीजी ने संविधान बनाते समय कही थी। ऐसी कई बातें हैं जो हमें सोचनी चाहिए। अगर युवा पीढ़ी आगे नहीं आएगी तो कौन आएगा। मैं अपने अनुभव से कहता हूं कि अब वक्त आ गया है कि छात्र और युवा राजनीति में सक्रिय रूप से आएं। चाहे वे किसी भी पार्टी में जाएं, यह उनकी मर्जी है लेकिन कम से कम उन्हें यह सोचना और समझना जरूरी है कि देश की सही विचारधारा क्या होनी चाहिए। युवा और छात्रों को विचारधारा के आधार पर चिंतन-मनन करना चाहिए।

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