नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की बड़ी सफलता के बारे में बताया है। रविवार को पूरे विश्व में मनाए गए योग दिवस को लेकर उन्होंने कहा कि योग लोगों को आत्मविश्वास के साथ सकारात्मक जीवन जीने के लिए प्रेरित कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की बड़ी सफलता इस बात का प्रमाण है कि योग न सिर्फ दुनियाभर में करोड़ों लोगों को शारीरिक रूप से स्वस्थ बना रहा है, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास के साथ सकारात्मक जीवन जीने के लिए प्रेरित भी कर रहा है।”
इस अवसर पर पीएम मोदी ने ‘संस्कृत सुभाषितम्’ भी शेयर किया, जिसमें लिखा, “चित्तप्रशमनोपायो योग इत्यभिधीयते। प्राणस्पन्दनिरोधो वा द्वेधा योगस्य धारणा।” इस ‘सुभाषितम्’ में कहा गया है, “चित्त को पूरी तरह शांत करने का उपाय ‘योग’ कहलाता है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए योग की दो पद्धतियां बताई गई हैं, मन को शांत करना और श्वास की गति को नियंत्रित करना।”
गौरतलब है कि रविवार को 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से प्रधानमंत्री मोदी ने योग दिवस के राष्ट्रीय आयोजन का नेतृत्व किया। उन्होंने हजारों योगाभ्यासियों के साथ ‘साझा योग नियम’ सत्र में हिस्सा लिया। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर दुनियाभर के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 21 जून दुनिया के कई हिस्सों में साल का सबसे लंबा दिन होता है और यह योग के जरिए मानवता के सबसे बड़े सामूहिक उत्सवों में से एक के रूप में भी उभरा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से योग की प्रेरणादायक तस्वीरें देखने को मिल रही हैं। उन्होंने कहा, “हिमालय से लेकर हिंद महासागर तक और बंगाल व पूर्वोत्तर से लेकर सौराष्ट्र के पश्चिमी क्षेत्र तक पूरा देश योग की भावना से ऊर्जावान लग रहा है। देश और दुनिया स्वास्थ्य और सामंजस्य के साझा संकल्प के माध्यम से जुड़ी हुई लगती हैं, जो योग की एकता की शक्ति को प्रतिबिंबित करती है।”
प्रधानमंत्री मोदी ने ‘स्वच्छता से स्वागत’ पहल के तहत कोलकाता के लोगों के प्रयासों की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि साफ-सफाई बनाए रखने में नागरिकों ने जो लगन, कड़ी मेहनत और नागरिक जिम्मेदारी दिखाई है, वह देश भर के लोगों के लिए प्रेरणा बन गई है।



