-राज्य के 66 लाख से अधिक किसानों को मिले 1 हजार 335 करोड़ रुपये
-केंद्र सरकार ने किसानों के कल्याण और सशक्तीकरण को दी प्राथमिकता, कृषि बजट 5 गुना से अधिक बढ़ा
-12 वर्षों में 50 लाख करोड़ रुपये किसानों को मिले
-अनिश्चितता के वर्तमान दौर में भारत का विकास दुनिया के लिए नई उम्मीद – प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी
जयपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात के बनासकांठा में विभिन्न लोकार्पण, शिलान्यास और शुभारंभ कार्य राष्ट्र को समर्पित करते हुए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) की 24वीं किस्त जारी की। इस किस्त के तहत देशभर के 9.34 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में 18 हजार 690 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे अंतरित की गई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों के कल्याण और उनके सशक्तीकरण को प्राथमिकता दी है। जिसके फलस्वरूप वर्ष 2013-14 के तुलना में कृषि बजट 5 गुना से अधिक हो गया है। उन्होंने कहा कि गत 12 वर्षों में केंद्र सरकार की नीतियों से 50 लाख करोड़ रुपये किसानों को मिले या उनकी बचत हुई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत साढ़े 4 लाख करोड़ रुपये छोटे किसानों के खाते में जा चुके है। वहीं, वैश्विक अनिश्चितता के कारण खाद्य की कीमतें बढ़ी पर इसका बोझ किसानों पर नहीं पड़ने दिया। खाद्य की सुगम उपलब्धता के लिए 16 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने एमएसपी का वादा पूरा करते हुए गेंहू एवं धान के किसानों के खातों में 24 लाख करोड़ रुपये हस्तांतरित किए। इसी प्रकार पीएम फसल बीमा योजना का सशक्त कवच प्रदान करते हुए किसानों को फसल मुआवजे पर 2 लाख करोड़ रुपये दिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार का निरंतर प्रयास रहा है कि किसानों का सिंचाई का खर्चा कम हो। इसी क्रम में पीएम कुसुम योजना के अंतर्गत किसानों को 12 लाख सोलर पम्प दिए गए दिए हैं। इससे किसानों की 80 करोड़ लीटर से अधिक डीजल की बचत के साथ बिजली भी पैदा हुई है।
प्रधानमंत्री ने किसानों की आय में बढ़ोत्तरी और खेती के सामर्थ्य को बढ़ाने पर जोर देते हुए केंद्र सरकार के सार्थक प्रयासों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि खेती की परम्परा में तकनीक का समावेश करते हुए देशभर के 26 करोड़ से अधिक सोईल हैल्थकार्ड जारी किए गए। वहीं, बदलते मौसम के अनुरूप किसानों को 3 हजार नए किस्म के बीज उपलब्ध कराए गए। उन्होंने कहा कि पशुपालन और डेयरी में विज्ञान और तकनीक को बढ़ावा दिया जा रहा है। पशुओं को बीमारी से बचाने के लिए टीकाकरण अभियान के अंतर्गत 150 करोड़ टीके लगाए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के प्रयासों से देश में दुग्ध उत्पादन तेजी से बढ़ा है। वर्ष 2013-14 में एक गाय या भैंस से प्रतिदिन औसतन 5 लीटर से कम दूध मिलता था। यह बढ़कर अब लगभग 8 लीटर हो चुका है। दुनिया में हमारा देश आज दुग्ध उत्पादन में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने मछली पालन क्षेत्र में सहकारिता को प्रोत्साहन दिया है। वहीं, देश में मधु क्रांति की शुरुआत हो चुकी है। हमारा देश प्राकृतिक शहद का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक बन गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अनिश्चितता के वर्तमान दौर में भारत का विकास दुनिया के लिए नई उम्मीद है। केंद्र सरकार का विकास का हर प्रयास भारत को विकसित बनाने के लिए है। उन्होंने लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर 31 अक्टूबर को देशवासियों से रन फॉर यूनिटी में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान करते हुए एक भारत-श्रेष्ठ भारत का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने 7 अक्टूबर को सरकार के मुखिया के रूप में 25 वर्ष पूरे होने का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने जनसेवा से राष्ट्रसेवा और गुजरात के विकास से देश का विकास करना सीखा है। जीवन के अंतिम क्षण तक वे देशवासियों की सेवा में जुटे रहेंगे।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने विभिन्न कार्यों एवं परियोजनाओं का लोकार्पण, शिलान्यास और शुभारंभ करते हुए अहमदाबाद (साबरमती)-वाराणसी एक्सप्रेस सहित दो ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाई। कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र भाई पटेल, विधानसभा अध्यक्ष शंकर भाई चौधरी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। वहीं, राज्यों के मुख्यमंत्री सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारीगण वीसी के माध्यम से जुड़े।
अन्नदाताओं की खुशहाली से ही देश की समृद्धि – मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि अन्नदाताओं की खुशहाली से ही देश की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। इसी संकल्प के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त जारी कर देश के 9.34 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में 18,690 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की। इसका लाभ राजस्थान के 66 लाख 59 हजार से अधिक किसान परिवारों को भी मिला है, जिनके खातों में 1,335 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की गई। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2019 में प्रारंभ हुई पीएम किसान सम्मान निधि के अंतर्गत प्रदेश के किसानों को 23 किस्तों में 29 हजार 99 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मिल चुकी है। वहीं, देशभर के किसानों को 4 लाख 47 हजार करोड़ रुपये की सम्मान निधि हस्तांतरित की गई है।



