नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जन्माष्टमी के पावन अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण को दिव्यता का साक्षात स्वरूप बताते हुए कहा कि उनके दिव्य संदेशों में नि:स्वार्थ कर्म की अद्भुत प्रेरणा निहित है, जिसने मानवता का निरंतर मार्गदर्शन किया है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कई पोस्ट साझा करते हुए भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की और कामना की कि जन्माष्टमी का यह पावन अवसर सभी के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और शक्ति का संचार करे।
भगवान श्रीकृष्ण के संदेशों से मिलती है नि:स्वार्थ कर्म की प्रेरणा
प्रधानमंत्री ने एक्स पर साझा पोस्ट में लिखा, “आप सभी को जन्माष्टमी की अनेकानेक शुभकामनाएं। भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य संदेशों में नि:स्वार्थ कर्म की अद्भुत प्रेरणा निहित है, जिसने मानवता का निरंतर मार्गदर्शन किया है। उनकी भक्ति और उपासना को समर्पित यह पावन अवसर हर किसी के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और शक्ति का संचार करे, यही कामना है। जय श्रीकृष्ण!” प्रधानमंत्री ने जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और उनके जीवन संदेशों को मानवता के लिए प्रेरणादायी बताया।
सुभाषित के जरिए भगवान श्रीकृष्ण को किया नमन
पीएम नरेंद्र मोदी ने भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित एक सुभाषित भी साझा किया। उन्होंने लिखा, “वसुदेवसुतं देवं कंसचाणूरमर्दनम्। देवकीपरमानन्दं कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्॥” इस सुभाषित का अर्थ है कि वसुदेव के पुत्र, कंस और चाणूर का संहार करने वाले, माता देवकी को परम आनंद देने वाले, दिव्यता के साक्षात स्वरूप और जगद्गुरु भगवान श्रीकृष्ण को प्रणाम किया जाता है। प्रधानमंत्री ने इस संदेश के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की दिव्यता, उनके धर्म और कर्म के संदेश तथा उनके प्रति अपनी श्रद्धा को व्यक्त किया।



