जयपुर। राजस्थान में जैविक, परंपरागत एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा किसानों को गौ-आधारित, टिकाऊ एवं पर्यावरण-अनुकूल कृषि पद्धतियों से जोड़ने की दिशा में कृषि विभाग ने महत्वपूर्ण पहल की है। कृषि आयुक्त श्री नरेश कुमार गोयल ने ग्राम बिचून, तहसील मौजमाबाद के प्रगतिशील कृषक श्री मोती लाल कुमावत को राज्य में जैविक, परंपरागत एवं प्राकृतिक खेती के प्रचार-प्रसार के लिए ‘किसान ब्राण्ड एम्बेसेडर एवं ट्रेनर’ नियुक्त किया है। कृषि आयुक्त ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के उदयपुर दौरे के दौरान किसानों के साथ चौपाल में संवाद के दौरान प्राकृतिक एवं गौ-आधारित खेती के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों और सफल प्रयासों को प्रोत्साहन देने की दिशा में श्री प्रेमचंद कपाया को ब्राण्ड एम्बेसेडर बनाया गया था। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए श्री मोती लाल कुमावत को भी राज्य स्तर पर किसान ब्राण्ड एम्बेसेडर एवं ट्रेनर की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
व्यावहारिक अनुभव और नवाचार के आधार पर मिली जिम्मेदारी
श्री नरेश कुमार ने बताया कि श्री मोती लाल द्वारा जैविक, परंपरागत एवं प्राकृतिक खेती विषय पर दी गई प्रस्तुति अत्यंत प्रभावी एवं सराहनीय रही। खेती की इन पद्धतियों के प्रति उनके समर्पण, व्यावहारिक अनुभव तथा किसानों के बीच प्राकृतिक एवं टिकाऊ कृषि को लोकप्रिय बनाने की क्षमता को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।
राज्यभर में किसानों को देंगे प्रशिक्षण
श्री कुमावत राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं कार्यशालाओं में मास्टर ट्रेनर के रूप में सेवाएं देंगे। वे किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती की तकनीकों, गौ-आधारित कृषि, स्थानीय एवं प्राकृतिक संसाधनों के प्रभावी उपयोग तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों के संबंध में अपने खेत-स्तरीय अनुभव और व्यावहारिक ज्ञान साझा करेंगे। कृषि विभाग द्वारा उनके प्रशिक्षण एवं प्रचार-प्रसार से संबंधित कार्यक्रमों के दौरान यात्रा, परिवहन, भोजन सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही, श्री रामशांताय जैविक कृषि अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र, कोटा के चेयरमैन श्री ताराचंद गोयल के माध्यम से उन्हें 11 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय अग्रिम आदेश तक देय होगा।
‘खेत से खेत तक’ पहुंचेगा प्राकृतिक खेती का संदेश
कृषि विभाग का उद्देश्य प्रदेश के कृषकों को सफल किसानों के वास्तविक अनुभवों और खेत पर किए गए प्रयोगों से जोड़ना है। किसान ब्राण्ड एम्बेसेडर के रूप में श्री कुमावत किसानों के बीच प्राकृतिक एवं जैविक खेती के व्यावहारिक मॉडल प्रस्तुत करेंगे और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग, रासायनिक कृषि पर निर्भरता में कमी तथा पर्यावरण-अनुकूल कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे। कृषि विभाग ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विभिन्न कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं कार्यशालाओं में श्री मोती लाल कुमावत की मास्टर ट्रेनर के रूप में सेवाएं लेना सुनिश्चित किया जाए, ताकि उनके अनुभव, नवाचार और सफल कृषि मॉडल का लाभ अधिकाधिक किसानों तक पहुंच सके। कृषि आयुक्त ने कहा कि श्री कुमावत राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप जैविक, परंपरागत एवं प्राकृतिक खेती के विस्तार तथा किसानों को टिकाऊ कृषि पद्धतियों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। यह पहल खेतों में अपनाई जा रही सफल तकनीकों को किसानों के बीच पहुंचाने और प्राकृतिक खेती को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित करने में प्रभावी साबित होगी।



