जयपुर। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पचपदरा में रिफाइनरी के लोकार्पण का स्वागत करते हुए पुरजोर मांग की है कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना में बाड़मेर, जोधपुर और मारवाड़ सहित पूरे राजस्थान के स्थानीय युवाओं को रोजगार में पहली प्राथमिकता दी जाए। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री और महान अर्थशास्त्री के सम्मान में बाड़मेर क्षेत्र में ‘डॉ. मनमोहन सिंह पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी’ स्थापित करने की मांग रखी है ताकि प्रदेश के विद्यार्थियों को पेट्रोलियम सेक्टर में रिसर्च और उच्च शिक्षा का विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर मिल सके। जूली ने कहा कि कांग्रेस सरकार की कड़ी मेहनत और दूरदर्शिता के कारण ही आज मरुधरा में यह ऐतिहासिक दिन आया है, कांग्रेस के कार्यकाल में रिफाइनरी का 85 % काम पूरा हुआ और यह कांग्रेस के लिए बेहद गर्व का विषय है कि रिफाइनरी जैसा महत्पूर्ण प्रोजेक्ट हमारी सरकार के समय सोचा गया और काम भी हमारे समय ही पूर्णता की ओर आ गया।
कांग्रेस द्वारा शुरू किए गए इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने के काम को आगे बढ़ाए भाजपा सरकार : परियोजना के आर्थिक पहलुओं को रेखांकित करते हुए टीकाराम जूली ने इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस सरकार के समय रिफाइनरी के आस-पास के क्षेत्रों में ऐसा मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के काम को भाजपा सरकार गति दे और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क तैयार करे जिससे स्थानीय और सहायक उद्योगों को सीधा लाभ मिल सके। जूली ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने जो काम शुरू किया था जिससे एक मजबूत इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम तैयार हो, भाजपा उसे आगे बढ़ाए, नहीं तो इस विशाल रिफाइनरी का पूरा आर्थिक लाभ राजस्थान के छोटे और मझोले उद्योगों को नहीं मिल पाएगा।
पेट्रोलियम सेक्टर में R&D को बढ़ावा देने के लिए बने विशेष विंग : जूली ने जोर देकर कहा कि रिफाइनरी के साथ-साथ राजस्थान को देश का पेट्रोलियम नॉलेज हब बनाने की दिशा में काम होना चाहिए। इसके लिए प्रस्तावित यूनिवर्सिटी के साथ ही प्रदेश के अन्य तकनीकी संस्थानों में पेट्रोलियम विषयों पर रिसर्च एंड डेवलपमेंट के लिए अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रयोगशालाएं तैयार की जानी चाहिए। इससे राजस्थान के छात्र न केवल देश में बल्कि वैश्विक स्तर पर पेट्रोलियम क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकेंगे

स्थानीय युवाओं को मिले रोजगार में प्राथमिकता, प्रदेश में स्थापित हो डॉ. मनमोहन सिंह पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी : टीकाराम जूली
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