लेबनान का इजराइल के साथ बातचीत से इनकार, पहले युद्धविराम की शर्त

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बेरूत। लेबनान के संसद स्पीकर नबीह बेरी ने स्पष्ट किया है कि जब तक इजराइल अपने हमले बंद नहीं करता, तब तक किसी भी तरह की बातचीत संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में प्राथमिकता युद्ध रोकने की होनी चाहिए, उसके बाद ही राजनीतिक संवाद पर विचार किया जा सकता है।

नबीह बेरी ने दो टूक कहा कि बिना इस ठोस गारंटी के कि इजराइल सैन्य कार्रवाई बंद करेगा, वे किसी भी वार्ता प्रक्रिया में शामिल होने के लिए तैयार नहीं हैं। उनके इस बयान से क्षेत्र में जारी तनाव के बीच कूटनीतिक प्रयासों को झटका लग सकता है।

राष्ट्रपति जोसेफ औन के कार्यालय ने भी एक बयान जारी कर कहा कि राष्ट्रपति ने नेतन्याहू के साथ बैठक के लिए “अभी उपयुक्त समय नहीं होने” की अपनी राय दोहराई और औन के हवाले से कहा, “हमें पहले एक सुरक्षा समझौता करना होगा और हम पर इजराइली हमलों को रोकना होगा, उसके बाद ही हम आपस में बैठक का मुद्दा उठा सकते हैं।”

इस बीच अमल मूवमेंट ने भी हिजबुल्लाह का समर्थन करते हुए इजराइल के साथ सीधे संवाद का विरोध किया है। अमल मूवमेंट, जो लेबनान का एक प्रमुख शिया राजनीतिक और अर्ध-सैन्य संगठन है, लंबे समय से शिया समुदाय के अधिकारों की वकालत करता रहा है।

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