तेहरान। ईरान और अमेरिका के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव के मध्य ईरानी सेना ने एक अमेरिकी मानवरहित विमान (ड्रोन) को मार गिराने का दावा किया है। ईरान की सेना के अनुसार, देश के दक्षिणी बंदरगाह शहर बंदर अब्बास के वायुक्षेत्र में एक अमेरिकी ‘लुकास’ (LUCAS) ड्रोन को उसकी वायु रक्षा प्रणाली (एयर डिफेंस सिस्टम) द्वारा सफलतापूर्वक निशाना बनाकर नष्ट कर दिया गया। एयर डिफेंस यूनिट ने किया ड्रोन को नष्ट ईरान की आधिकारिक और सेना से संबद्ध मीडिया एजेंसियों ने इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि की है:
आईआरएनए और दीफ़ा की रिपोर्ट: ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ‘आईआरएनए’ (IRNA) के अनुसार, एयर डिफेंस सिस्टम के अंतर्गत तैनात एक स्थानीय वायु रक्षा इकाई ने ड्रोन को ट्रैक कर हवा में ही तबाह कर दिया। हालांकि, रिपोर्ट में इस बात का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया कि यह घटना किस समय हुई या अमेरिकी ड्रोन किस उद्देश्य व मिशन पर था। ईरानी सेना से जुड़ी ‘दीफ़ा न्यूज़ एजेंसी’ ने भी बंदर अब्बास के ऊपर ड्रोन को गिराए जाने की पुष्टि की है।
जास्क क्षेत्र में कार्रवाई का दावा: वहीं, ईरान की ‘मेहर न्यूज़ एजेंसी’ ने सेना के जनसंपर्क विभाग के हवाले से अलग विवरण देते हुए बताया कि 25 अक्टूबर की सुबह होर्मुज़गान प्रांत के ही जास्क इलाके में एक लुकास ड्रोन को मार गिराया गया। उल्लेखनीय है कि बंदर अब्बास और जास्क दोनों ही रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज़गान प्रांत में स्थित हैं।
क्या है अमेरिकी ‘लुकास’ ड्रोन?
समाचार एजेंसी रॉयटर्स और रक्षा विश्लेषकों के अनुसार: सेंटकॉम का स्क्वाड्रन: अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दिसंबर 2025 में मध्य पूर्व में अमेरिकी सेना के पहले ‘वन-वे अटैक’ (आत्मघाती/एकतरफा हमला करने वाले) ड्रोन स्क्वाड्रन के गठन की घोषणा की थी, जो विशेष रूप से लुकास ड्रोन्स से सुसज्जित है।
लागत और तकनीक: लुकास ड्रोन को मुख्य रूप से ईरान के चर्चित ‘शाहेद’ ड्रोन की तर्ज पर कम लागत में प्रभावी हमलों के लिए विकसित किया गया है। इसके एक यूनिट की अनुमानित कीमत लगभग 35 हजार डॉलर (क़रीब 29-30 लाख रुपये) है।

ईरानी सेना का बड़ा दावा : बंदर अब्बास के ऊपर मार गिराया अमेरिकी लुकास ड्रोन, एयर डिफेंस सिस्टम से किया नष्ट
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