तेल अवीव। ईरान और इजराइल के अप्रैल में हुए सीजफायर के 2 महीने बाद दोबारा जंग शुरू हो गई। ईरान ने रविवार रात इजराइल पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने कहा कि यह कार्रवाई लेबनान में हिजबुल्लाह पर इजराइली हमलों के जवाब में की गई है। इसके जवाब में इजराइल ने ईरान के कई सैन्य और रक्षा ठिकानों पर हमला किया। ईरानी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, तेहरान, तबरीज और इस्फहान में कई विस्फोट हुए। वहीं, IRGC ने दावा किया कि इजराइल ने इन हमलों में एयर-लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया। बढ़ते तनाव के बीच भारत ने भी अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीयों से ईरान की यात्रा न करने और वहां मौजूद लोगों को जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह दी है।
ट्रम्प ने संयम बरतने की अपील की
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से तत्काल बड़े जवाबी हमले से बचने को कहा था। हालांकि इसके बावजूद इजराइल ने ईरान में सैन्य कार्रवाई की। ईरान और इजराइल के बीच यह ताजा टकराव ऐसे समय हुआ है जब दोनों देशों के बीच सीजफायर को लेकर पहले से ही तनाव बना हुआ था।
दावा- तेहरान में एयर एंड स्पेस यूनिवर्सिटी पर इजराइली हमला
इजराइली मीडिया ने दावा किया है कि सोमवार सुबह तेहरान स्थित एयर एंड स्पेस यूनिवर्सिटी पर हमला किया गया। हमले के बाद परिसर को नुकसान पहुंचने की खबर है। इजराइल के चैनल-12 की रिपोर्ट के मुताबिक, तेहरान में स्थित एयर एंड स्पेस यूनिवर्सिटी इजराइली हवाई हमलों की चपेट में आई। रिपोर्ट में कहा गया है कि हमले के बाद यूनिवर्सिटी परिसर में नुकसान हुआ है। हालांकि नुकसान की सीमा और संभावित हताहतों को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। सोशल मीडिया पर हमले के बाद की कुछ तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए हैं। ईरान की ओर से अभी तक इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
ईरान बोला- इजराइल के केमिकल प्लांट पर हमला किया
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने कहा है कि उसने इजराइल के हाइफा शहर में एक केमिकल प्लांट पर मिसाइल हमला किया है। ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई उसके पेट्रोकेमिकल प्लांट पर हुए कथित इजराइली हमले के जवाब में की गई। ईरान ने आरोप लगाया कि इजराइल ने ऊर्जा और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाकर संघर्ष का दायरा बढ़ा दिया है। IRGC ने चेतावनी दी कि अगर ऐसे हमले जारी रहे तो पूरे क्षेत्र के ऊर्जा ढांचे पर असर पड़ सकता है। संगठन ने कहा कि इसके नतीजे वैश्विक अर्थव्यवस्था तक महसूस किए जाएंगे।



