बूंदी। हिण्डोली उपखंड क्षेत्र की गुढ़ा गोकुलपुरा पंचायत में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में सुशासन और संवेदनशीलता की भावुक कर देने वाली तस्वीर देखने को मिली, जब 50 वर्षों से अपने घर के पट्टे का इंतजार कर रही एक महिला को चंद घंटों में ही उसके मकान का मालिकाना हक सौंप दिया गया।
नयागुढ़ा निवासी इंदिरा बाई पिछले पांच दशकों से अपने मकान के पट्टे के लिए परेशान थीं। पट्टा न होने के कारण वे न केवल अपने ही घर के मालिकाना हक से कानूनी तौर पर वंचित थीं, बल्कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी उन तक नहीं पहुंच पा रहा था। दशकों की निराशा और इंतजार के बाद, इंदिरा बाई ने एक आखिरी उम्मीद के साथ गुढ़ा गोकुलपुरा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में अपनी फरियाद लेकर पहुंचने का फैसला किया।
शिविर में पहुंचकर इंदिरा बाई ने शिविर प्रभारी के समक्ष अपना आवेदन प्रस्तुत किया। महिला की दशकों पुरानी पीड़ा को देखते हुए शिविर में त्वरित कार्रवाई की गई। शिविर स्थल पर ही सभी कागजी औपचारिकताएं हाथों-हाथ पूरी की गईं और उसी दिन ग्राम पंचायत द्वारा उन्हें मकान का पट्टा जारी कर दिया गया। ग्रामीण सेवा शिविर का यह प्रयास इंदिरा बाई के लिए जीवन भर की खुशी दे गया।
आधी सदी के लंबे इंतजार के बाद अपने हाथों में मकान का पट्टा देखकर इंदिरा बाई को जो खुशी की अनुभूति हुई, वह शब्दों से परे थी। उनके चेहरे पर दशकों का संघर्ष खत्म होने की खुशी साफ झलक रही थी। शिविर में हुए समस्या समाधान पर भावुक होते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा और राज्य सरकार का दिल से आभार जताया।



