जयपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान, नियमित निगरानी एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आशा सहयोगिनी, एएनएम एवं सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) द्वारा घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं से संपर्क किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जयपुर प्रथम डॉ. रवि शेखावत और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जयपुर द्वितीय डॉ.मनीष मित्तल ने बताया कि अभियान के दौरान स्वास्थ्यकर्मी प्रत्येक गर्भवती महिला की स्वास्थ्य स्थिति का आकलन कर उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था (एचआरपी) के मामलों की पहचान कर रहे हैं। साथ ही गर्भवती महिलाओं को नियमित प्रसव पूर्व जांच (एएनसी), रक्तचाप, हीमोग्लोबिन एवं शुगर जांच, संतुलित पोषण, आयरन-फोलिक एसिड की गोलियों के नियमित सेवन, समय पर टीकाकरण तथा संस्थागत प्रसव के महत्व के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जिन गर्भवती महिलाओं में गंभीर एनीमिया, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, कम या अधिक आयु में गर्भधारण अथवा अन्य चिकित्सीय जटिलताएं पाई जाती हैं, उन्हें तत्काल चिन्हित कर उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया जा रहा है, ताकि समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सके और गर्भावस्था एवं प्रसव के दौरान संभावित जोखिमों को कम किया जा सके।
उन्होंने ने सभी गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिजनों से अपील की है कि वे स्वास्थ्य टीम का सहयोग करें, नियमित एएनसी जांच अवश्य कराएं तथा किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से तुरंत संपर्क करें। समय पर जांच, उपचार एवं सतत निगरानी से सुरक्षित मातृत्व और स्वस्थ शिशु का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।



