गठिया के दर्द से लेकर कैंसर का विकास रोकने तक, कई समस्याओं में गुणकारी है बुरांश का फूल

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नई दिल्ली। आयुर्वेद में कई सारी ऐसी पेड़-पौधों और जड़ी-बूटियों का जिक्र मिलता है, जिसके इस्तेमाल से हमारी सेहत को काफी फायदा होता है। सही तरीके से इनका इस्तेमाल करने से स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि त्वचा संबंधी समस्याएं भी दूर होती हैं। बुरांश इन्हीं में से एक है, जिसे सेहत के लिए काफी लाभकारी माना जाता है। पहाड़ी क्षेत्रों खासकर उत्तराखंड, हिमाचल में पाया जाने वाला बुरांश का पौधा कई मायनों में हमारे लिए फायदेमंद है। इसकी फूल, पंखुड़ियों और पत्तों को सेहत के लिए काफी लाभकारी माना जाता है। कई सारे पोषक तत्वों से भरे बुरांश के फूलों का पहाड़ों पर जूस बनाया जाता है, जो स्वादिष्ट होने के साथ ही पोषक तत्वों से भी भरपूर होता है। बुरांश के इन्हीं औषधीय गुणों की वजह से कई बीमारियों के इलाज के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। तो चलिए आपको बताते हैं बुरांश के फूल के कुछ फायदे के बारे में-

बुरांश के फूल के फायदे
बुरांश का फूल प्राकृतिक रूप से कई स्वास्थ्यवर्धक पोषक तत्वों से भरा होता है। आमतौर पर लोग जूस या स्क्वैश के रूप में इसका सेवन करते हैं। इन फूलों के रस से सूजन, लीवर की बीमारियों, गठिया के दर्द, ब्रोंकाइटिस जैसी समस्याओं में काफी राहत मिलती हैं। इसके अलावा यह फूल कई प्रकार के कैंसर के विकास को रोकने में भी गुणकारी है। इतना ही नहीं बुरांश के फूल का जूस शरीर में इंसुलिन का सही संतुलन बनाता है और त्वचा, ह्रदय और लिवर से जुड़ी समस्याओं को ठीक करने के लिए भी जाना जाता है।

SARS- CoV 2 के इलाज में कारगर
सदियों से कई आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक दवाओं में बुरांश का इस्तेमाल किया जाता रहा है। लेकिन बीते कुछ समय से यह फूल तब सुर्खियों में आया, जब इसकी मजबूत एंटीवायरल गुण की वजह से इसकी इस्तेमाल SARS- CoV 2 के लिए वैक्सीन के निर्माण में किया गया था। एक अध्ययन में यह सामने आया कि इस हिमालयी फूल वाले पेड़ में एंटीवायरल गुण होते हैं, जिनका उपयोग SARS- CoV 2 से संक्रमित कोशिकाओं के इलाज में किया जा सकता है। हालांकि, इसे लेकर अभी भी कई सारी रिसर्च बाकी हैं।

घर पर ऐसे बनाएं बुरांश के फूल का जूस
घर पर शुगर फ्री बुरांश का जूस बनाने के लिए सबसे पहले इसके फूलों को धोकर पानी में भिगो दें।
अब एक बर्तन लें और इसमें पानी भरकर गर्म होने के लिए रख दें।
फिर इसमें फूल डालें और मध्यम आंच पर तब तक पकाएं, जब तक पानी का रंग गुलाबी न हो जाए।
इस पानी को तब तक पकाते रहें, जब तक कि यहां आधा न हो जाए और फिर सही मात्रा होने के बाद इसे छान में।
ठंडा होने पर बुरांश के फूल के रस का थोड़ा सा हिस्सा एक ग्लास में डालें और इसमें ठंडा पानी मिला।
अंत में इसमें चीनी, शहद या स्वीटनर मिलाकर ठंडा-ठंडा इसका आनंद लें।

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