दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून पर ड्रोन घुसपैठ को आरोप, इस सप्‍ताह अदालत सुनाएगी फैसला

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सोल। दक्षिण कोरिया की एक अदालत इस सप्ताह पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर फैसला सुनाने वाली है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। सोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट शुक्रवार को यून के मामले की सुनवाई करेगा। उन पर दुश्मन को फायदा पहुंचाने और अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल करने जैसे आरोप लगाए गए हैं। यून पर आरोप है कि उन्होंने अक्टूबर 2024 में दक्षिण कोरियाई सेना को प्योंगयांग के ऊपर ड्रोन उड़ाने का आदेश दिया था, ताकि बाद में 3 दिसंबर 2024 को मार्शल लॉ लागू करने के लिए एक बहाना तैयार किया जा सके।
योनहाप न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, विशेष जांच दल की प्रमुख चो यून-सुक ने यून के लिए 30 साल की जेल की सजा की मांग की थी।
इससे पहले, एक विशेष जांच दल ने यून से सत्ता के दुरुपयोग और लोगों के अधिकारों में बाधा डालने के आरोपों को लेकर पूछताछ की थी। ये आरोप उन संदेशों से जुड़े हैं, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर मार्शल लॉ लागू करने को सही ठहराने के लिए किया गया था।
यून सुबह करीब 10 बजे पूछताछ के लिए ग्वाचोन स्थित विशेष जांच दल के कार्यालय पहुंचे थे और शाम करीब 4:30 बजे वहां से निकले। फरवरी में जांच दल के गठन के बाद यह उनकी पहली पेशी थी।
बताया गया है कि पूछताछ के दौरान यून ने मुख्य आरोपों से इनकार किया।
इसी बीच, अदालत पूर्व रक्षा मंत्री किम योंग-ह्यून, पूर्व डिफेंस काउंटरइंटेलिजेंस कमांड प्रमुख योओ इन-ह्युंग और पूर्व ड्रोन ऑपरेशंस कमांड प्रमुख मेजर जनरल किम योंग-डे के मामलों पर भी फैसला सुना सकती है।
पूर्व रक्षा मंत्री पर उस समय ड्रोन अभियान का नेतृत्व करने का आरोप है। उनके खिलाफ सत्ता के दुरुपयोग और सैन्य प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचाने समेत कई आरोप लगाए गए हैं।
विशेष जांच दल का कहना है कि ड्रोन घुसपैठ की इस घटना से उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच सैन्य तनाव बढ़ गया था और इससे सैन्य गोपनीय जानकारी भी उजागर हुई थी।
फरवरी में एक अदालत ने यून को उनके असफल मार्शल लॉ प्रयास के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई थी। यह इस मामले में आया पहला अदालत का फैसला था।

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