चित्तौड़गढ़। राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से उपखंड अधिकारी डूंगला के निर्देशन में ग्राम पंचायत बिलोदा में आयोजित ग्रामीण सेवा फॉलोअप शिविर आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान का सशक्त माध्यम साबित हुआ। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने संवेदनशीलता के साथ प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण कर ग्रामीणों को राहत प्रदान की।
वर्षों बाद मिला जन्म प्रमाण पत्र, बेटी के भविष्य को मिली नई दिशा
ग्राम बिलोदा निवासी आत्माराम जणवा अपनी पुत्री आस्था जणवा (जन्म तिथि 17 जुलाई 2010) का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए शिविर में पहुंचे। जन्म के कई वर्षों बाद भी प्रमाण पत्र नहीं बनने के कारण परिवार को शिक्षा, पहचान संबंधी दस्तावेजों तथा विभिन्न सरकारी कार्यों में लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
शिविर में संबंधित विभाग के अधिकारियों ने आवश्यक दस्तावेजों का परीक्षण कर नियमानुसार प्रक्रिया पूरी की और मौके पर ही आस्था का जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिया। वर्षों से लंबित यह कार्य पूरा होने से परिवार को बड़ी राहत मिली। अब यह प्रमाण पत्र आस्था की शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, पहचान संबंधी दस्तावेजों एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सहायक होगा।
भावुक आत्माराम जणवा ने कहा कि फॉलोअप ग्रामीण सेवा शिविर के माध्यम से वर्षों पुरानी समस्या का एक ही दिन में समाधान हो गया। उन्होंने इस जनहितकारी पहल के लिए राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
नया विद्युत मीटर लगने से मिली तत्काल राहत
इसी शिविर में ग्राम बिलोदा निवासी दिनेश कुमार पुष्करणा ने अपने खराब विद्युत मीटर (मीटर क्रमांक 17330077) को बदलने का अनुरोध किया। संबंधित विभाग के अधिकारियों ने प्रकरण का तत्काल संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई की और मौके पर ही नया विद्युत मीटर स्थापित कर दिया।
मीटर बदलने के बाद उपभोक्ता को निर्बाध एवं सुचारु विद्युत आपूर्ति मिलने लगी, जिससे लंबे समय से चली आ रही समस्या का तत्काल समाधान हो गया।
दिनेश कुमार पुष्करणा ने बताया कि शिविर में ही उनकी समस्या का त्वरित समाधान होने से उन्हें विभागीय कार्यालयों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़े। उन्होंने राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे फॉलोअप ग्रामीण सेवा शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन, त्वरित सेवा वितरण और जनविश्वास को सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं।



