लोक सेवा निदेशक एवं पदेन संयुक्त सचिव श्री हर्ष सावनसुखा ने राजस्थान संपर्क पोर्टल (181) का किया निरीक्षण

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जयपुर। प्रदेशवासियों की शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी एवं समयबद्ध समाधान के लिए राज्य सरकार राजस्थान संपर्क पोर्टल (181) के माध्यम से लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में निदेशक जन अभियोग निराकरण विभाग श्री हर्ष सावनसुखा ने मंगलवार को राजस्थान संपर्क पोर्टल (181) का निरीक्षण कर पोर्टल की कार्यप्रणाली, लंबित प्रकरणों के निस्तारण तथा तकनीकी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान श्री सावन सुखा ने प्रकरणों के निस्तारण में आ रही तकनीकी समस्याओं पर अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की तथा पोर्टल को अधिक सरल एवं प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने सीपीग्राम पोर्टल पर लंबित राज्य स्तरीय प्रकरणों की समीक्षा करते हुए लंबित मामलों के कारणों की जानकारी ली और तकनीकी बाधाओं को शीघ्र दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि भारत सरकार से संबंधित लोकसेवा विभाग की प्राप्त होने वाली शिकायतों को अविलंब संबंधित केंद्रीय विभाग से समन्वय कर शीघ्रता से निस्तारित किया जाए, ताकि परिवादियों को समय पर राहत मिल सके। निरीक्षण के दौरान श्री सावनसुखा ने हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा भी की। उन्होंने सीकर निवासी यूसुफ से दूरभाष पर बात कर स्ट्रीट लाइट संबंधी शिकायत की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। इसी प्रकार चित्तौड़गढ़ निवासी श्री रवि से विवाह प्रमाण-पत्र जारी नहीं होने तथा जयपुर निवासी श्री विनोद कुमार से विद्युत मीटर संबंधी शिकायत पर चर्चा कर त्वरित समाधान का आश्वासन दिया। इस अवसर पर निदेशक ने कहा कि राजस्थान संपर्क पोर्टल राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में सुशासन की दिशा में लिया गया महत्वपूर्ण कदम है। जिसके माध्यम से आमजन को अपनी समस्याओं का पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान प्राप्त हो रहा है । उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार आमजन की शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए सभी विभागों के सचिव निर्धारित तिथियों पर राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) कंट्रोल रूम में उपस्थित होकर परिवादियों से सीधे संवाद कर रहे हैं। इस पहल से नागरिकों को घर बैठे अपनी समस्याएं दर्ज कराने और उनके शीघ्र समाधान का लाभ मिल रहा है। निरीक्षण के दौरान विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं आईटी विंग के तकनीकी विशेषज्ञ भी उपस्थित रहे।

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