वेनेजुएला में भूकंप से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,430 हुई, तीन हजार से ज्यादा लोग घायल

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काराकास। वेनेजुएला में बुधवार को आए भूकंप से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,430 हो गई है। वेनेजुएला में बुधवार को आए लगातार दो तेज भूकंप के झटकों ने भारी तबाही मचाई, जिसके बाद नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज ने ताजा जानकारी साझा की है। शनिवार को रोड्रिगेज ने सरकारी टेलीविजन पर कहा कि इस आपदा से 3,238 लोग घायल हुए और 3,142 परिवार प्रभावित हुए हैं। न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, नेशनल इमरजेंसी पर सरकार के नए अपडेट में रोड्रिगेज ने कहा कि 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंपों के बाद, वेनेजुएला में 430 हल्के से मध्यम झटके दर्ज किए गए हैं।
वेनेजुएला के अधिकारियों की ओर से, रोड्रिगेज ने इस प्राकृतिक आपदा के हजारों पीड़ितों के प्रति अपनी गहरी संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि हज़ारों लोग अभी भी खोज और बचाव के काम में दिन-रात लगे हुए हैं।
इस बीच, वेनेजुएला की भूकंप अनुसंधान संस्था (फनविसिस) ने शनिवार को बताया कि देश के मध्य हिस्से में 4.1 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया। यह भूकंप ऐसे समय आया है जब लोग इस हफ्ते की शुरुआत में आए दो बड़े और विनाशकारी भूकंपों के बाद पहले से ही डरे हुए हैं।
संस्था के अनुसार, इस नए भूकंप का केंद्र मध्य तटीय इलाके के प्रमुख बंदरगाह शहर ला गुएरा से करीब 35 किलोमीटर पश्चिम में था। बुधवार को आए दो शक्तिशाली भूकंपों के बाद इस शहर को आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित किया गया था, क्योंकि यहां काफी नुकसान हुआ था।
अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को आया भूकंप जमीन से सिर्फ पांच किलोमीटर नीचे था। इतनी कम गहराई वाले भूकंप अक्सर ज्यादा तेज महसूस होते हैं और इमारतों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है।
काराकस और आसपास के इलाकों के लोगों ने भी झटके महसूस किए। कई लोग डर के कारण इमारतों से बाहर निकल आए, क्योंकि उन्हें और नुकसान होने या इमारतें गिरने का डर था। यह भूकंप बुधवार को आए दो बड़े भूकंपों के कुछ ही दिन बाद आया, जिनसे कई जगह भारी तबाही हुई थी। कई इमारतें गिर गईं, भूस्खलन हुआ और लोगों की मौत भी हुई।
अधिकारी राहत और बचाव कामों को संभालने में जुटे हुए हैं। बचाव दल तटीय और पहाड़ी इलाकों में फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
फनविसिस ने कहा कि शनिवार का भूकंप बहुत बड़ा नहीं था, लेकिन इसकी कम गहराई और पहले से कमजोर हो चुकी इमारतों के कारण चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े भूकंपों के बाद आफ्टरशॉक (बाद के झटके) आना आम बात है और ये कमजोर ढांचों को और नुकसान पहुंचा सकते हैं।
स्थानीय प्रशासन ने जोखिम वाले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है। आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट पर रखा गया है और टीमें अस्पतालों, पुलों और बिजली व्यवस्था जैसी जरूरी सुविधाओं की जांच कर रही हैं।

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