जयपुर। शासन सचिव, सहकारिता डाॅ. समित शर्मा ने जिला सहकारी उपभोक्ता भण्डारों की राज्य स्तरीय मासिक समीक्षा बैठक में सभी महा प्रबंधकों को निर्देश दिये कि वे विभागीय मापदण्डों के अनुसार राज्य सरकार की योजनाओं का क्रियान्वयन करना सुनिश्चित करें ताकि उपभोक्ताओं को अधिकाधिक लाभान्वित किया जा सके। उन्होंने कहा कि विभाग प्रति माह 9 बिन्दुओं के आधार पर सभी जिला सहकारी उपभोक्ता होलसेल भण्डारों की रेकिंग जारी करेगा तथा वर्ष के अन्त में सर्वश्रेष्ठ भण्डारों को सम्मानित किया जायेगा।
डाॅ. शर्मा ने बताया कि आरजीएचएस योजना के तहत लाभार्थियों को गुणवत्तायुक्त दवाइयों की उपलब्धता, आमजन को किफायती मूल्य पर जैनेरिक दवाइयां तथा प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्रों के माध्यम से दवाइयों व सर्जिकल आइटम्स को उपलब्ध कराने में सफलता के आधार पर भण्डारों को 15 अंक मिलेंगे। उपभोक्ता सामग्री एवं श्रीअन्न के व्यवसाय, समिति के व्यवसाय के लेखांकन व आॅडिट तथा अनुपयोगी परिसम्पत्तियों के निस्तारण के लिये 5-5 अंक निर्धारित किये गये हैं।
उन्होंने बताया कि संचालक मण्डल की उप विधियों के अनुसार बैठकों एवं आमसभा का आयोजन करने तथा भण्डार के टर्नओवर व लाभ में वृद्धि के आधार पर 5-5 अंक दिये जायेंगे। कार्यालय के रखरखाव व पुराने रिकार्ड के निस्तारण के लिये 5 अंक तथा भण्डार की आय बढाने के लिये अपने व्यवसाय में विविधीकरण करने व नवाचार अपनाने के लिये 5 अंक निर्धारित किये गये हैं।
शासन सचिव ने समीक्षा बैठक में विभागीय मापदण्डों के आधार पर मासिक रेकिंग जारी करते हुये बताया कि अजमेर, बीकानेर, कोटा, उदयपुर, बाडमेर, भरतपुर, जोधपुर, काॅनफैड जयपुर, ब्यावर तथा हनुमानगढ ने उत्कृष्ट कार्य किया है। उन्होंने अन्य सभी जिला भण्डारों के महाप्रबंधकों को कहा कि वे विभागीय मापदण्डों के अनुसार अपनी कार्यशैली में बदलाव लाये और जिन मापदण्डों की श्रेणी में पिछड रहें है उनमें सुधार करते हुये अगली मासिक समीक्षा बैठक में आगे उत्कृष्ट श्रेणी में आये। उन्होंने कहा मुझे उस समय सबसे अधिक प्रसन्नता होगी जब प्रदेश के सभी जिला भण्डार उत्कृष्ट श्रेणी में आ जायेंगे।
डाॅ. शर्मा ने बताया कि प्रदेश के 10 जिला भण्डार उत्कृष्ट श्रेणी में, 7 भण्डार बहुत अच्छा श्रेणी में, 8 भण्डार अच्छा श्रेणी में, 7 भण्डार संतोषजनक श्रेणी में तथा 2 भण्डार असंतोषजनक श्रेणी में वर्गीकृत किये गये हैं। उन्होंने कहा कि बांसवाडा एवं भीलवाडा भण्डार को सबसे अधिक काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सभी महाप्रबंधक अपने स्टाफ की कार्यस्थल पर समय पर उपस्थिति को सुनिश्चित करें तथा उपभोक्ताओं की मांग के अनुसार अधिकाधिक उत्पाद उपलब्ध करावें।

विभागीय मापदण्डों के आधार पर खरा उतरने वाले सहकारी भण्डारों को मिली रेकिंग
ram


