बीएसई सेंसेक्स के 40 साल पूरे, देश के आर्थिक सूचक के रूप में हुआ स्थापित

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मुंबई। एशिया के सबसे पुराने स्टॉक एक्सचेंज बीएसई (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) ने शुक्रवार को मुख्य सूचकांक सेंसेक्स के 40 साल पूरे होने का जश्न मिनाया है। बीते चार दशकों में यह इंडेक्स देश के एक आर्थिक सूचक के रूप में स्थापित होने में सफल रहा है।
सेंसेक्स को एक जनवरी 1986 को लॉन्च किया था। यह भारत का पहला स्टॉक मार्केट इंडेक्स था। इसमें भारत के अलग-अलग सेक्टर में काम करने वाली शीर्ष 30 कंपनियों को शामिल किया जाता है।
पूरे शेयर बाजार के मार्केट कैपिटलाइजेशन में सेंसेक्स की हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत है और मौजूदा समय में यह भारत की आर्थिक ताकत और इक्विटी मार्केट के प्रदर्शन के लिए एक बेंचमार्क का काम करता है।
इस उपलब्धि के मौके पर बीएसई के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ सुंदरारमन राममूर्ति ने कहा कि यह सिर्फ एक सूचकांक का जश्न नहीं है, बल्कि यह भारत के कैपिटल मार्केट के सफर का जश्न है।
राममूर्ति ने एक इवेंट में कहा, “एक बंद मार्केट से लेकर दुनिया भर में सबसे ज्यादा टेक्नोलॉजी-ड्रिवन और इन्वेस्टर-सेंट्रिक इकोसिस्टम बनने तक, सेंसेक्स ने लगातार और भरोसेमंद तरीके से भारत की विकास की कहानी को संजोया है। जैसे-जैसे भारत विकसित होने की ओर आगे बढ़ रहा है, हम बीएसई में बदलते मार्केट की जरूरतों को पूरा करने और बदलते आर्थिक परिदृश्य को दिखाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
इस अवसर पर सेबी के चेयरमैन तुहिन कांता पांडे ने कहा कि पिछले चार दशकों में, “सेंसेक्स एक मजबूत बाजार सूचक के तौर पर समय की कसौटी पर खरा उतरा है, जो भारत के आर्थिक बदलाव और हमारे कैपिटल मार्केट की बढ़ती परिपक्वता को दिखाता है।”
सेंसेक्स भारत के सबसे ज्यादा ट्रैक किए जाने वाले बेंचमार्क में से एक है, जिसमें 20 से ज्यादा एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) और इंडेक्स फंड 2.5 लाख करोड़ रुपए की एसेट मैनेज करते हैं। इसमें दुनिया के सबसे एक्टिव इंडेक्स ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट में से एक भी शामिल है और पिछले दो सालों से यह सबसे तेजी से बढ़ने वाला इंडेक्स डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट है। शुरू से अब तक, सेंसेक्स ने 13.4 प्रतिशत की कंपाउंडेड सालाना ग्रोथ रेट (सीएजीआर) दर्ज की है, जो इस दौरान भारत की लगभग 13 प्रतिशत की नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ के काफी करीब है।

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