कोलकाता। बंगाल की 293 सीटों पर वोटों की गिनती जारी है। एक सीट फालता पर 21 मई को फिर वोटिंग होगी। शुरुआती रुझान में भाजपा को बहुमत मिला है। भाजपा 194 और टीएमसी 93 सीटों पर आगे चल रही है। अब तक भाजपा को 45%, TMC को 42% वोट मिलते दिख रहे हैं।
उधर काउंटिंग के दौरान राज्य में चार जगह हिंसा-झड़प हुई। आसनसोल में टीएमसी ऑफिस कैंप में तोड़फोड़ तो जमुरिया में आगजनी की गई। कूच बिहार में सुरक्षाबलों ने लाठीचार्ज किया।
भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी आगे हैं। सुवेंदु अधिकारी पीछे चल रहे हैं। मोदी ने जहां झालमुड़ी खाई उस इलाके में भाजपा चारों सीटों पर आगे है। ये सीटें झाड़ग्राम, बिनपुर, गोपीबल्लभपुर और नयाग्राम हैं।
पश्चिम बंगाल की 293 विधानसभा सीटों पर जारी मतगणना ने सियासी तस्वीर लगभग साफ कर दी है। शुरुआती रुझानों में भाजपा ने बढ़त बनाते हुए बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है, जबकि टीएमसी काफी पीछे नजर आ रही है। हालांकि फालता सीट पर मतदान बाद में होगा, लेकिन बाकी सीटों के रुझान सत्ता परिवर्तन की ओर इशारा कर रहे हैं।
इस बीच राज्य के कई हिस्सों से हिंसा और झड़पों की खबरें सामने आई हैं। आसनसोल में एक पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की गई, वहीं जमुरिया में आगजनी की घटना हुई। कूच बिहार में हालात को काबू में करने के लिए सुरक्षाबलों को लाठीचार्ज करना पड़ा। इन घटनाओं ने चुनावी माहौल को तनावपूर्ण बना दिया है।
अगर वोट प्रतिशत की बात करें तो भाजपा को इस बार स्पष्ट बढ़त मिलती दिख रही है। पार्टी का वोट शेयर पिछली बार की तुलना में करीब 6% बढ़ा है, जिससे सीटों में भी बड़ा उछाल देखने को मिल रहा है। यही वजह है कि भाजपा अब राज्य में सरकार बनाने की स्थिति में दिखाई दे रही है।
दिलचस्प बात यह है कि कभी बंगाल में बेहद कमजोर रही भाजपा ने लंबा सफर तय किया है। 1952 में सिर्फ कुछ सीटों से शुरुआत करने वाली पार्टी ने दशकों तक संघर्ष किया। 2016 में पहली बार थोड़ा असर दिखा और 2021 में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। अब ताजा रुझान बताते हैं कि पार्टी राज्य में नई सरकार बना सकती है।
वहीं भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी बढ़त बनाए हुए हैं, जबकि कुछ अन्य अहम सीटों पर कड़ा मुकाबला जारी है। कुल मिलाकर बंगाल की राजनीति एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ती दिख रही है, लेकिन हिंसा की घटनाएं इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल भी खड़े कर रही हैं।



