टोंक। राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम एवं पशुपालकों के अमूल्य पशुओं को खुरपका-मुंहपका जैसे जानलेवा रोग से मुक्त करने के तहत पशुपालन विभाग की ओर से सोमवार को खुरपका-मुंहपका रोग (एफएमडी) अभियान की शुरूआत की गई। इस दौरान संयुक्त निदेशक के निजी सहायक अमित चौधरी भी मौजूद रहे। संयुक्त निदेशक डॉ. छोटू लाल बैरवा ने बताया कि अभियान के पांचवें चरण के तहत 17 मई 2025 तक जिले के पशुओं का टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह अभियान विशेष रूप से गाय, भैंस और बकरियों को लक्षित कर चलाया जा रहा है। इसमें पशुपालन विभाग की टीम घर-घर जाकर पशुओं को एफएमडी वैक्सीन लगाएगी। संयुक्त निदेशक ने जिले के समस्त पशुपालकों से एफएमडी जैसे गंभीर रोग का टीका लगवाने का अनुरोध करते हुए कहा कि वह सरकार की इस कल्याणकारी योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। निजी सहायक अमित चौधरी ने एफएमडी रोग के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस रोग के कारण पशुओं में तेज बुखार, जीभ, होठों, मुंह, थनों और खुरों में घाव और छाले हो जाते हैं। चौधरी ने कहा कि यह बीमारी पशुओं के उत्पादन में नुकसान का कारण बनती है।

पशुपालक अपने अमूल्य पशुओं में एफएमडी जैसे गंभीर रोग का टीका अवश्य लगवाएं : डॉ. छोटू लाल बैरवा
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