जयपुर। राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष श्री टीकाराम जूली ने राज्य की भाजपा सरकार पर वादों से मुकरने और संवेदनहीनता की पराकाष्ठा पार करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जयपुर में नौकरी से हटाए जाने से आहत होकर संविदाकर्मी दीपक खारवाल द्वारा की गई आत्महत्या के बाद, अब सरकार की वादाखिलाफी से टूटकर उनकी तीन माह की गर्भवती पत्नी श्रीमती करिश्मा खारवाल द्वारा विषाक्त पदार्थ खाने की घटना बेहद हृदयविदारक है। करुणा और संवेदनशीलता का उदाहरण पेश करते हुए श्री जूली नेइस घटना की खबर मिलते ही एसएमएस अस्पताल पहुंचकर पीड़ित महिला के परिजनों से मुलाकात की, चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि यह सरकार केवल समझौते करना जानती है, लेकिन उन्हें निभाना इसकी फितरत में नहीं है।
वादाखिलाफी ने उजाड़ा परिवार, नहीं जागा सरकार का ज़मीर :
नेता प्रतिपक्ष ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि दीपक खारवाल का आत्महत्या करने का कदम केवल एक व्यक्ति की पीड़ा नहीं थी, बल्कि उन हजारों युवाओं की सामूहिक व्यथा है जिन्हें नौकरी से निकाला गया । श्री जूली ने कहा कि दीपक की मौत के समय सरकार ने कई बड़े वादे किए थे। पीड़ित परिवार की ओर से 1 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग पर सरकार ने एक अच्छी सम्मानजनक राशि देने का आश्वासन दिया था। साथ ही, दीपक की पत्नी को संविदा पर नौकरी देने और नौकरी से निकाले गए अन्य साथियों को बहाल करने का वादा किया गया था। लेकिन हकीकत यह है कि आज तक न तो उस बेसहारा पत्नी को नौकरी मिली, न एक रुपया मुआवजा दिया गया और न ही पीड़ित के साथियों को वापस जॉइनिंग मिली।
दिल्ली दौरों और कुर्सी बचाने में व्यस्त हुक्मरान, गरीबों की जिंदगी से खिलवाड़ बंद हो :
श्री जूली ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि वह मासूम गर्भवती आज डिप्रेशन में है, लेकिन सरकार को इस बात की कोई चिंता नहीं है कि उस परिवार का भरण-पोषण कैसे हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऐसे बीसियों उदाहरण सामने आ चुके हैं जहां सरकार समझौते तो कर लेती है, लेकिन बाद में मुकर जाती है। नेता प्रतिपक्ष ने मीडिया के माध्यम से सत्ता के हुक्मरानों को चेतावनी देते हुए कहा कि गरीबों की जिंदगी से यह खूनी खेल तुरंत बंद होना चाहिए। युवा और संविदा कर्मचारी आत्महत्या करने को मजबूर हैं, जनता कुचली जा रही है, और सरकार के मुखिया व मंत्री केवल दिल्ली के दौरों में अपनी कुर्सी बचाने में व्यस्त हैं।
सरकार नहीं सर्कस; न जवाबदेही, न संवेदनशीलता :
‘डबल इंजन’ के नारे पर कड़ा प्रहार करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि केवल नारे लगाने से काम नहीं चलेगा। सरकार को दिल्ली के चक्कर छोड़कर जनता के बीच जाना चाहिए और उनके डिप्रेशन व दुख-दर्द को समझना चाहिए। जूली ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि आज राजस्थान में सरकार, सरकार की तरह नहीं बल्कि एक ‘सर्कस’ की तरह चल रही है, जहां न तो अधिकारी कोई जिम्मेदारी लेते हैं और न ही कोई मंत्री या मुख्यमंत्री जवाबदेही स्वीकार करता है। उन्होंने कहा कि जनता के साथ ऐसा क्रूर मजाक और प्रशासनिक शून्यता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सरकार की वादाखिलाफी से टूट रहा पीड़ित परिवार; ढांढस बंधाने और संबल देने SMS अस्पताल पहुंचे नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली
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