सिंगल यूज प्लास्टिक का विकल्प अपनाना सतत जीवनशैली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

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जयपुर। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा BRICS Sustainable Lifestyle Week, 2026 के तहत पर्यावरण संरक्षण एवं सतत जीवनशैली को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से गुरुवार को मंडल मुख्यालय, जयपुर में “Say No to Single Use Plastic” विषय पर हितधारक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, विशेषज्ञों एवं संबंधित हितधारकों ने सहभागिता करते हुए एकल उपयोग प्लास्टिक के प्रभावी विकल्पों तथा प्लास्टिक अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन पर विचार-विमर्श किया। इस अवसर पर मुख्य पर्यावरण अभियंता श्री वरुण दत्त पुरोहित ने उपस्थित प्रतिभागियों को पर्यावरण संरक्षण एवं सतत जीवनशैली अपनाने की शपथ दिलवाई। कार्यक्रम में आमंत्रित विशेषज्ञों का पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। वहीं अतिरिक्त मुख्य पर्यावरण अभियंता श्री भुवनेश माथुर ने कार्यशाला के उद्देश्य तथा मंडल द्वारा किए जा रहे प्रयासों से अवगत करवाया। कार्यशाला में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन एवं एकल उपयोग प्लास्टिक प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर विशेषज्ञों ने तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी साझा की। पर्यावरण अभियंता श्रीमती योग्यता सिंह ने “Plastic Waste Management – Rules and Regulations” विषय पर प्रस्तुतीकरण देते हुए प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियमों एवं उनके प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी। इसी के साथ नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग (DLB), राजस्थान के सहायक अभियंता श्री गौरव सिंह ने “Initiatives and Actions Taken by DLB, Rajasthan for Effective Implementation of Single Use Plastic Ban” विषय पर विभाग द्वारा एकल उपयोग प्लास्टिक प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए किए जा रहे प्रयासों एवं पहलों पर प्रकाश डाला। इसी क्रम में केंद्रीय पेट्रोकेमिकल्स अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (CIPET) के वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी डॉ. राधेश्याम गरी ने “Reduce, Reuse, Recycle (3R) – Pathway to Sustainability” विषय पर व्याख्यान देते हुए प्लास्टिक की खपत कम करने, वस्तुओं के पुनः उपयोग तथा अपशिष्ट के पुनर्चक्रण की महत्ता समझाई। उन्होंने 3R सिद्धांतों को दैनिक जीवन में अपनाकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यशाला के समापन सत्र में आयोजित खुली चर्चा के दौरान प्रतिभागियों ने अपने सुझाव एवं अनुभव साझा किए। चर्चा में एकल उपयोग प्लास्टिक के उपयोग को हतोत्साहित करने, पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को बढ़ावा देने तथा प्लास्टिक अपशिष्ट के पृथक्करण एवं उचित निस्तारण के लिए विभागों, उद्योगों और आमजन की सक्रिय भागीदारी को आवश्यक बताया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न हितधारकों को प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के प्रति जागरूक करने के साथ ही एकल उपयोग प्लास्टिक पर निर्भरता कम करने तथा पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित करना रहा। गौरतलब है कि, BRICS Sustainable Lifestyle Week के अंतर्गत राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा आयोजित की जा रही विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से नागरिकों, उद्योगों एवं संस्थागत हितधारकों को पर्यावरण संरक्षण, संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग तथा सतत जीवनशैली के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

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