आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सम्मान और आर्थिक संबल की दिशा में सरकार का बड़ा कदम

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जयपुर। दीपावली के त्योहार से पहले राजस्थान सरकार की ओर से महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं और मानदेय कर्मियों के आर्थिक हितों को लेकर किए गए फैसले एक बार फिर चर्चा में हैं। प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में 10 प्रतिशत की वृद्धि का निर्णय महिला कर्मियों को आर्थिक संबल देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह वृद्धि 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी की गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार ने आंगनबाड़ी व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ ही उन महिलाओं के योगदान को भी महत्व दिया है, जो गांव-ढाणी से लेकर शहरी बस्तियों तक बच्चों के पोषण, गर्भवती महिलाओं की देखभाल और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की जिम्मेदारी निभा रही हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता केवल सरकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे समाज की नई पीढ़ी के भविष्य निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। बच्चों को पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता उपलब्ध करवाने में उनका योगदान बेहद महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन के अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और साथिनों को प्रति लाभार्थी 1100 रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित कर विशेष उपहार भी दिया। इस अवसर पर कुल 14.65 करोड़ रुपये की राशि सीधे बैंक खातों में पहुंचाई गई।
इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को पोषणयुक्त आहार उपलब्ध करवाने, भवनों की मरम्मत, डिजिटल सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री अमृत आहार योजना के तहत तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को सप्ताह में पांच दिन दूध उपलब्ध करवाया जा रहा है।
राजस्थान सरकार का यह दृष्टिकोण इस बात को रेखांकित करता है कि प्रदेश का विकास केवल बड़े निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़ी महिला, जरूरतमंद परिवार और नौनिहालों तक भी विकास का लाभ पहुंचना चाहिए।
दीपावली जैसे पावन पर्व से पहले महिला कर्मियों के आर्थिक हितों, सम्मान और कार्य परिस्थितियों पर ध्यान देना सामाजिक सरोकारों की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बेहतर मानदेय और सुविधाएं मिलने से उनके परिवारों को आर्थिक सहारा मिलने के साथ-साथ महिला एवं बाल विकास सेवाओं को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। राजस्थान में आंगनबाड़ी व्यवस्था को सशक्त बनाने की ये पहल इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

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