अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में राजस्थान की बड़ी उपलब्धि- उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मिला राष्ट्रीय सम्मान-उपराष्ट्रपति ने प्रदान किया पुरस्कार

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जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान राज्य ने देश के हरित ऊर्जा परिदृश्य में एक बार फिर अपनी सर्वोच्चता सिद्ध की है। केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा विकसित नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मूल्यांकन तंत्र के तहत राजस्थान को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। एक्सपो-2026’ के समापन सत्र में उपराष्ट्रपति द्वारा राजस्थान को यह गौरवपूर्ण सम्मान प्रदान किया गया। राज्य की ओर से उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन से यह पुरस्कार ऊर्जा राज्यमंत्री हीरालाल नागर तथा राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक रोहित गुप्ता ने ग्रहण किया। इस अवसर पर ऊर्जा राज्यमंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में राजस्थान देश का सबसे बड़ा ग्रीन एनर्जी हब बनकर उभरा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 51.6 गीगावाट अक्षय ऊर्जा क्षमता तथा 45 गीगावाट सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित हो चुकी है। राजस्थान अक्षय ऊर्जा उत्पादन के साथ सौर ऊर्जा क्षमता एवं पीएम-कुसुम योजना में देश में प्रथम स्थान पर है। वहीं वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट जीवाश्म रहित ईंधन आधारित स्थापित विद्युत क्षमता के राष्ट्रीय लक्ष्य की प्राप्ति में राजस्थान महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है उन्होंने कहा कि राजस्थान अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में निरंतर उपलब्धियां हासिल कर रहा है। इसी क्रम में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन के सहयोग से विकसित नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मूल्यांकन तंत्र (आरई-एसएएफ) के अंतर्गत देश के सर्वश्रेष्ठ राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में राजस्थान ने श्रेष्ठ उपलब्धि हासिल की है। उल्लेखनीय है कि राज्यों का यह मूल्यांकन नवीकरणीय ऊर्जा विकास, नीतिगत एवं नियामकीय व्यवस्था, ग्रिड की तैयारी, डिस्कॉम के प्रदर्शन तथा निवेश के अनुकूल वातावरण सहित विभिन्न महत्वपूर्ण मानकों के आधार पर किया गया है। इस मूल्यांकन का उद्देश्य राज्यों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करने के साथ नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों को बढ़ावा देना है। इस उपलब्धि पर केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव संतोष सारंगी ने मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास को पत्र भेजकर राज्य सरकार के प्रयासों को सराहा है।

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