गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने अशोक गहलोत पर साधा निशाना, ’मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने तथ्यों के साथ दिखाया आईना

ram

जयपुर। गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर तीखा राजनीतिक हमला करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आज अपने भाषण में तथ्यों और सच्चाई के साथ गहलोत सरकार को आईना दिखा दिया है। मुख्यमंत्री के 100 प्रतिशत सच्चाई पर आधारित भाषण से पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बौखला गए हैं। सच सामने आने पर गहलोत और कांग्रेसी नेताओं की बेचैनी और उनकी प्रतिक्रियाएं घबराहट को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अशोक गहलोत को दूसरों पर सवाल उठाने से पहले अपने कुशासनकाल के उन प्रकरणों का जवाब देना चाहिए, जिन पर प्रदेश की जनता आज भी उनसे स्पष्टीकरण चाहती है। जनता को आरोप-प्रत्यारोप नहीं, बल्कि अपने सवालों के स्पष्ट और तथ्यात्मक जवाब चाहिए। गृह राज्य मंत्री ने सवाल उठाते हुए कहा कि अशोक गहलोत बताएं कि जोधपुर के बड़ा काटेचा गांव में जारी की गई 37 खनन लीज में से 16 लीज उनके रिश्तेदारों को आवंटित किए जाने का मामला क्या था? क्या यह सच नहीं है कि इन लीज आवंटनों को लेकर गंभीर सवाल उठे थे और बाद में सरकार को इन्हें निरस्त करना पड़ा? आखिर ऐसी क्या परिस्थितियां थीं कि इन आवंटनों को रद्द करना पड़ा? उन्होंने कहा कि गहलोत यह भी बताएं कि क्या उनके ही ओएसडी ने उन पर गलत काम कराने के आरोप नहीं लगाए थे? यदि ऐसा हुआ था तो उन आरोपों की सच्चाई क्या है और पूर्व मुख्यमंत्री ने आज तक इस पर सार्वजनिक रूप से संतोषजनक जवाब क्यों नहीं दिया? इसी प्रकार उनके निजी सुरक्षाकर्मी के जेल में बंद होने से जुड़े प्रकरण पर भी उन्हें स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। जनता जानना चाहती है कि इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि क्या थी और इसमें किन लोगों की भूमिका थी। गृह राज्य मंत्री ने आरपीएससी से जुड़े मामले पर भी पूर्व मुख्यमंत्री को घेरते हुए कहा कि गहलोत के कार्यकाल में नियुक्त किए गए आरपीएससी सदस्य के जेल में होने और उसके द्वारा कथित तौर पर पैसे देकर सदस्य बनने की बात स्वीकार किए जाने से जुड़े गंभीर सवालों का जवाब कौन देगा? यदि नियुक्तियों जैसी संवेदनशील संवैधानिक संस्था की विश्वसनीयता पर ही सवाल खड़े हों, तो इसकी नैतिक जिम्मेदारी तत्कालीन सरकार की ही बनती है। युवाओं के भविष्य और उनकी मेहनत से जुड़े ऐसे मामलों पर राजनीतिक चुप्पी स्वीकार नहीं की जा सकती। बेढम ने कहा कि राजस्थान के युवाओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता की उम्मीद के साथ मेहनत की है। भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों ने उनके विश्वास को गहरी ठेस पहुंचाई है। ऐसे में पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल से जुड़े प्रकरणों पर जवाबदेही तय होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आपके कार्यकाल में जेजेएम, पेपरलीक, मिड-डे-मील घोटाला हुआ। वहीं, आपकी सरकार 18 महीने तक होटल में बंद रही। साथ ही, आपने अपनी सरकार बचाने के लिए फोन टेपिंग तक करवाई। ये सभी आपके कुशासन के जिंदा सबूत हैं। आमजन से तो इन सब के लिए आपको माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में वर्तमान राज्य सरकार पारदर्शिता, सुशासन और जवाबदेही के संकल्प के साथ काम कर रही है। प्रदेश की जनता को सच्चाई बताना और व्यवस्था में विश्वास बहाल करना सरकार की प्राथमिकता है। कांग्रेस के नेता अपनी राजनीतिक असहजता छिपाने के लिए चाहे जितने आरोप लगाएं, लेकिन पुराने मामलों से जुड़े सवालों का जवाब देना उनकी जिम्मेदारी है। बेढम ने कहा कि अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के भाषण पर प्रतिक्रिया देने के बजाय बड़ा काटेचा की खनन लीज, अपने ओएसडी के आरोपों, निजी सुरक्षाकर्मी के जेल में होने और आरपीएससी सदस्य से जुड़े प्रकरणों पर तथ्यात्मक जवाब देना चाहिए। राजस्थान की जनता सब जानना चाहती है। सवालों से बचने और बयानबाजी करने से सच्चाई नहीं बदलती।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *