जयपुर। देशभर के ओडीओपी (एक जिला एक उत्पाद) उत्पादों की पहचान, बाजार पहुंच एवं दृश्यता को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT), भारत सरकार द्वारा 7 से 11 अक्टूबर, 2026 तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी-सह-विक्रय कार्यक्रम ’’भारत ओडीओपी संगम’’ का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन में राज्यों एवं केन्द्रशासित प्रदेशों की 600 से अधिक इकाइयों एवं प्रदर्शकों की भागीदारी प्रस्तावित है।इस कार्यक्रम में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, राजस्थान के समन्वय से प्रदेश के विभिन्न जिलों के 38 चयनित ओडीओपी उद्यम एवं कारीगर भाग लेंगे। राजस्थान की ओर से रत्न एवं आभूषण, मार्बल एवं स्टोन, हस्तशिल्प एवं लकड़ी उत्पाद, वस्त्र एवं परिधान, खाद्य एवं कृषि प्रसंस्कृत उत्पाद सहित विभिन्न जिला-विशिष्ट उत्पादों को राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा। राज्य में ओडीओपी उद्यमों के समग्र विकास, उत्पाद मूल्य संवर्धन एवं बाजार विस्तार को प्रोत्साहित करने के लिए राजस्थान ओडीओपी नीति-2024 लागू की गई है। नीति के अंतर्गत ओडीओपी उद्यमों के मार्केटिंग सहायता योजना के तहत राजस्थान में तथा राजस्थान से बाहर आयोजित राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय मेलों एवं प्रदर्शनियों में भाग लेने वाले ओडीओपी एमएसएमई को स्टॉल किराये का 75 प्रतिशत अथवा 50 हजार रुपये से अधिकतम 2 लाख रुपये तक प्रति आयोजन, के साथ दो प्रतिनिधियों के लिए निर्धारित यात्रा सहायता का प्रावधान है। इस नीति के तहत मार्केटिंग सहायता के अंतर्गत अब तक लगभग 497 ओडीओपी उद्यमों को लाभान्वित किया गया हैं। उल्लेखनीय है कि उद्योग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा ओडीओपी उद्यमों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के लिए इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर (IITF), भारत टेक्स तथा अन्य प्रमुख मेलों एवं प्रदर्शनियों में भागीदारी के अवसर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी क्रम में भारत ओडीओपी संगम में 38 उद्यमों की भागीदारी राजस्थान के जिला-विशिष्ट उत्पादों, पारंपरिक शिल्प एवं स्थानीय उद्यमिता को व्यापक बाजार मंच उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
भारत ओडीओपी संगम में राजस्थान के 38 ओडीओपी उद्यम करेंगे प्रदेश के विशिष्ट उत्पादों का प्रदर्शन
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