चित्तौड़गढ़। नशा मुक्त भारत अभियान के तहत नशे के दुष्प्रभावों के प्रति आमजन को जागरूक करने तथा नशा मुक्ति के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के संबंध में मुख्य सचिव वी. निवास ने शुक्रवार को जिला कलक्टरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जिले की अधिकाधिक आबादी तक पहुंच बनाते हुए व्यापक स्तर पर नशा विरोधी जागरूकता अभियान संचालित किया जाए।
अभियान के दौरान आमजन को नशे के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जाए।
उन्होंने कहा कि जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से नागरिकों को नशा नहीं करने तथा दूसरों को भी नशे से दूर रखने की शपथ दिलाई जाए। विशेष रूप से युवाओं एवं विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करते हुए स्वस्थ एवं नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए।
जनभागीदारी से बनेगा अभियान प्रभावी
मुख्य सचिव ने अभियान में राजकीय एवं गैर-राजकीय संस्थानों, शिक्षण संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों सहित अधिकाधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों एवं निरंतर जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से नशा मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में प्रभावी कार्य किया जा सकता है।
वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान जिला कलक्टर डॉ. मंजू, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद विनय पाठक एवं सहायक निदेशक
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग चंद्रप्रकाश जीनगर उपस्थित रहे।



