ब्रिक्स में भारत आज ब्राइट स्पॉट, कांग्रेस बताए अपने समय के हालात : रविशंकर प्रसाद

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नई दिल्ली। दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित हो रहे ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर कांग्रेस नेताओं की ओर से उठाए गए सवालों पर भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ब्रिक्स में भारत की स्थिति कमजोर हुई थी, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज ब्रिक्स में एक चमकता सितारा बनकर उभरा है। नई दिल्ली में प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आईएमएफ ने अपनी रिपोर्ट जारी की और भारत की ग्रोथ के बारे में एक बहुत जरूरी बात कही है। आईएमएफ ने भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती की तारीफ की है और सर्विस सेक्टर, मैन्युफैक्चरिंग, ट्रेड और दूसरे एरिया में भारत की तरक्की को माना है। उन्होंने कहा कि रूस के प्रेसिडेंट आ चुके हैं। चीन के प्रेसिडेंट कल आ रहे हैं। ईरान के प्रेसिडेंट रास्ते में हैं और साउथ अफ्रीका और इजिप्ट के प्रेसिडेंट पहले ही आ चुके हैं। दुनिया का एक बड़ा हिस्सा आज दिल्ली में है। कांग्रेस के नेता क्या कह रहे हैं कि ब्रिक्स से भारत को क्या मिलेगा। मैं किसी का नाम नहीं लूंगा, लेकिन कुछ सीनियर नेताओं ने आज और कल ऐसी बातें कही हैं। इसलिए यह बताना जरूरी है कि जब वे सत्ता में थे तो उन्होंने क्या किया और उस समय ब्रिक्स में भारत की क्या स्थिति थी।
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि याद कीजिए, 2011, 2012 और 2013 में भारत की इकॉनमी को ‘फ्रैजाइल फाइव’ में से एक बताया गया था। गोल्डमैन सैक्स ने यह भी कहा था कि भारत में इन्वेस्टमेंट कम हो रहा है।
उन्होंने कहा कि एक बहुत जानी-मानी ग्लोबल एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पुअर्स ने कहा था कि इंडियन इकॉनमी तेजी से जंक इकॉनमी बनती जा रही है। इसलिए कांग्रेस नेताओं को यह याद दिलाना जरूरी है कि जब वे पावर में थे तो उन्होंने क्या किया और ब्रिक्स के मामले में उन्होंने इंडिया को किस हालत में ला दिया। करेंसी डेप्रिसिएशन, इन्फ्लेशन, पॉलिटिकल पैरालिसिस, पॉलिसी की कमी और करप्शन की वजह से दुनिया का इंडिया पर से भरोसा उठ गया था। इतनी लूट और इतने स्कैम हुए कि आप सब उनके बारे में जानते ही हैं। नरेंद्र मोदी की लीडरशिप में एनडीए सरकार ने देश को उस हालत से निकालकर ऐसी जगह पर ला खड़ा किया है, जहां इंडिया आज दुनिया की टॉप फाइव इकॉनमी में से एक बन गया है। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ भारतीयों के आशीर्वाद से भारत आज ब्रिक्स में एक ब्राइट स्पॉट बनकर उभरा है।
ब्रिक्स को लेकर कांग्रेसी के कई नेताओं द्वारा उठाए गए सवालों पर सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि चिदंबरम लंबे समय तक देश के वित्त मंत्री रहे हैं और हम सब जानते हैं कि उनके नेतृत्व में भारत की विकास गाथा कैसी रही थी। सलमान खुर्शीद, जो मंत्री रह चुके हैं, वे जानते होंगे कि एक परंपरा है कि जब भी देश में भारत के हितों से जुड़ा कोई अहम अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम होता है तो हमें एक सुर में बात करनी चाहिए। इसीलिए हम इस मामले पर टिप्पणी करने से बच रहे थे। हालांकि जैसा कि मैंने बताया, आज पार्टी की ओर से ये बातें इसलिए कही गईं ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।
फ्रैजाइल फाइव उन पांच उभरती अर्थव्यवस्थाओं को कहा जाता है जिन्हें 2013 में निवेश बैंक मॉर्गन स्टेनले ने बाहरी आर्थिक झटकों के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील बताया था। इन पांच देशों में भारत भी शामिल था।
दरअसल 2013 में जब अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने मौद्रिक प्रोत्साहन कम करने के संकेत दिए, तब निवेशकों ने उभरते बाजारों से पैसा निकालना शुरू किया। इससे इन देशों की अर्थव्यवस्थाओं और मुद्राओं पर दबाव बढ़ गया और इन्हें फ्रैजाइल फाइव कहा जाने लगा।

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