जीडीपी ग्रोथ बड़ी उपलब्धि नहीं, महंगाई-रोजगार पर जवाब दे सरकार : पवन खेड़ा

ram

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश की 7.8 प्रतिशत जीडीपी ग्रोथ को बड़ी उपलब्धि बताए जाने के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने जीडीपी के आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल आर्थिक विकास दर बढ़ने से आम जनता, किसानों और युवाओं की समस्याएं खत्म नहीं हो जातीं। उन्होंने महंगाई, रोजगार, कृषि और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की स्थिति को लेकर सरकार से जवाब मांगा। पवन खेड़ा ने आईएएनएस से बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा जीडीपी ग्रोथ की तारीफ किए जाने पर कहा कि सरकार एक तिमाही के आंकड़ों के आधार पर अपनी उपलब्धि गिना रही है, लेकिन यह बताना चाहिए कि इसका फायदा समाज के अलग-अलग वर्गों को कितना मिला। उन्होंने सवाल किया कि किसानों को इस आर्थिक वृद्धि का क्या लाभ हुआ और क्या कृषि क्षेत्र पर इसका सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है? खेड़ा ने कहा कि देश की बड़ी आबादी युवा है और युवाओं के सामने रोजगार सबसे बड़ी चुनौती है। ऐसे में सरकार को बताना चाहिए कि जीडीपी बढ़ने से युवाओं की समस्याओं का कितना समाधान हुआ। उन्होंने पूछा कि क्या पेट्रोल-डीजल की कीमतें कम हुई हैं और क्या महंगाई से आम लोगों को राहत मिली है। कांग्रेस सांसद ने सवाल उठाया कि यदि देश की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है तो बड़ी संख्या में लोगों को अभी भी मुफ्त राशन पर निर्भर क्यों रहना पड़ रहा है। उन्होंने दूध, चीनी और अन्य जरूरी वस्तुओं की बढ़ती कीमतों का हवाला देते हुए कहा कि आम परिवारों के घरेलू बजट पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को लेकर सरकार पर सवाल उठाते हुए खेड़ा ने कहा कि जीडीपी के आंकड़ों के साथ-साथ यह भी देखा जाना चाहिए कि विनिर्माण क्षेत्र में वास्तविक सुधार कितना हुआ है और रोजगार के कितने अवसर पैदा हुए हैं।
प्रधानमंत्री के उस बयान पर भी पवन खेड़ा ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कुछ लोगों पर देश में निराशावादी माहौल बनाने और ‘झूठ की गूंज’ फैलाने का आरोप लगाया था। खेड़ा ने कहा कि देश के अलग-अलग वर्गों में समस्याएं हैं और किसानों से लेकर आम परिवार तक आर्थिक दबाव महसूस कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री की उन सलाहों पर भी कटाक्ष किया, जिनमें कथित तौर पर लोगों से सोना नहीं खरीदने, बड़ी शादियां नहीं करने और विदेश नहीं जाने जैसी बातें कही जाती हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार को जनता की वास्तविक परेशानियों पर बात करनी चाहिए। केवल यह कहना पर्याप्त नहीं है कि देश निराश न हो, बल्कि महंगाई और रोजगार जैसी समस्याओं का समाधान भी होना चाहिए।
रूस और ईरान के संदर्भ में प्रधानमंत्री मोदी के ‘युद्ध मानवता को पीछे ले जाता है’ वाले बयान पर खेड़ा ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय संघर्षों पर सरकार की भूमिका के कारण उसकी अपील को कितनी गंभीरता से लिया जाएगा, यह भी महत्वपूर्ण है। खेड़ा ने आरोप लगाया कि सरकार ने कुछ अंतरराष्ट्रीय संघर्षों में ऐसा रुख अपनाया, जिसके बाद अब दूसरे देशों को युद्ध रोकने की सलाह देने की उसकी नैतिक स्थिति पर सवाल उठते हैं। उन्होंने पूछा कि जब दुनिया में युद्ध चल रहे हैं तो भारत को अपनी कूटनीतिक भूमिका और रुख को स्पष्ट करना चाहिए।
मुंबई में दूध की कीमत में 9 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी और दिल्ली में सीएनजी के दाम में 3 रुपए प्रति किलोग्राम की वृद्धि का उल्लेख करते हुए पवन खेड़ा ने सरकार पर महंगाई को लेकर हमला बोला। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि यदि जीडीपी इतनी मजबूत है तो दूध की हर थैली के साथ जीडीपी का आंकड़ा भी छाप देना चाहिए, ताकि उपभोक्ताओं को कीमत बढ़ने के साथ यह बताया जा सके कि अर्थव्यवस्था आगे बढ़ रही है। सरकार को केवल जीडीपी ग्रोथ के आंकड़ों पर अपनी उपलब्धि बताने के बजाय यह जवाब देना चाहिए कि महंगाई, रोजगार, कृषि और आम आदमी की आय पर आर्थिक विकास का वास्तविक असर कितना पड़ा है। आर्थिक विकास तभी सार्थक माना जाएगा जब उसका लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *