मुख्य सचिव ने सचिवालय में पदस्थ संयुक्त शासन सचिवों की बैठक ली, समय की पाबंदी, नियमों की गहन जानकारी और क्षेत्रीय दौरों पर दिया जोर

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जयपुर। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने बुधवार को शासन सचिवालय में विभिन्न विभागों के शासन सचिवालय में पदस्थ संयुक्त शासन सचिवों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि सभी संयुक्त शासन सचिव, विशेषकर नवपदस्थ अधिकारी कार्य संचालन नियम, कार्यालय प्रक्रिया संहिता, सेवा नियम, वित्तीय नियम तथा विभाग से संबंधित परिपत्रों एवं मार्गदर्शिकाओं का गहन अध्ययन कर उनमें पूर्ण दक्षता प्राप्त करें और संबंधित बैठकों में अनिवार्य रूप से भाग लें। साथ ही समय की पाबंदी का कड़ाई से पालन करें तथा निर्धारित समय पर कार्यालय आएं। मुख्य सचिव ने विभागवार प्रमुख योजनाओं की व्यक्तिगत मॉनिटरिंग के निर्देश देते हुए कहा कि ऊर्जा विभाग में पीएम-कुसुम योजना, शिक्षा विभाग में पीएम श्री विद्यालय, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में जल जीवन मिशन तथा सार्वजनिक निर्माण विभाग में विश्व बैंक द्वारा सहायता प्राप्त परियोजनाओं की प्रगति पर संबंधित संयुक्त शासन सचिव सतत निगरानी रखें। उन्होंने कहा कि अन्य विभागों में भी इसी प्रकार प्राथमिकता की योजनाएँ आवंटित की जाएँ। उन्होंने कहा कि संयुक्त शासन सचिव का पद विभागीय कार्यप्रणाली में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विभागीय उच्चाधिकारी संयुक्त शासन सचिवों को सारभूत कार्य एवं प्राथमिकता क्षेत्र की योजनाओं का दायित्व सौंपें, ताकि प्रत्येक अधिकारी के पास स्पष्ट एवं उत्तरदायी कार्यभार रहे। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रत्येक योजना के क्रियान्वयन में सुधार की संभावनाएं रहती हैं। ऐसे में जरूरी है कि अधिकारी अपने विभाग से संबंधित योजनाओं का गहराई से अध्ययन करें, जिससे सकारात्मक परिवर्तन किये जा सकें और जमीनी स्तर पर योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित हो। उन्होंने अधिकारियों को अपने विभागों के क्षेत्रीय कार्यालयों एवं परियोजना स्थलों का नियमित भ्रमण कर योजनाओं एवं कार्यों के धरातलीय क्रियान्वयन का स्वतंत्र रूप से पर्यवेक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी संयुक्त शासन सचिव आवंटित योजनाओं एवं परियोजनाओं की आवधिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें तथा क्षेत्रीय फीडबैक एवं सुधार के सुझावों सहित समय-समय पर मुख्य सचिव के समक्ष प्रस्तुतीकरण दें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अपनी जिम्मेदारियों निर्वहन करते हुए प्रोएक्टिव होकर काम करें। प्रदेश में इस बार कम वर्षा के कारण सूखे की संभावित स्थिति को देखते हुए संबंधित संयुक्त शासन सचिव पूर्व तैयारी करें। प्रभावित क्षेत्रों एवं लोगों को समय पर राहत उपलब्ध कराने के लिए डिजास्टर मैनेजमेंट एवं ड्राउट मैनेजमेंट से संबंधित तैयारियों एवं कार्यों पर विशेष ध्यान दें। साथ ही प्रदेश के ड्राउट मैन्युअल का भी अध्ययन करें। उन्होंने शाला दर्पण पोर्टल की नियमित निगरानी के लिए भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सूचना एवं प्रौद्योगिकी के प्रभावी उपयोग से उपलब्ध शैक्षणिक आंकड़ों का बेहतर विश्लेषण किया जा सकता है। संबंधित अधिकारी यह अध्ययन करें कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के माध्यम से स्कूली शिक्षा व्यवस्था को किस प्रकार और अधिक सशक्त बनाया जा सकता है। मुख्य सचिव ने राज्य में सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की प्रगति एवं इससे जुड़े विषयों पर इस माह वर्कशॉप आयोजित करने के भी निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि राजकार्य में फाइलों का महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने संयुक्त शासन सचिवों द्वारा पत्रावलियों पर समुचित टिप्पणी अंकित किए जाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक संयुक्त शासन सचिव स्वयं प्रस्तुतीकरण टिप्पणी अंकित करें, जिसमें नीतिगत विषय का तर्कसंगत विश्लेषण, नियम स्थिति, उपलब्ध विकल्प एवं स्पष्ट अनुशंसा सम्मिलित हो, तथा वह नीचे की टिप्पणी की पुनरावृत्ति मात्र न हो। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को सांख्यिकीय प्रकाशनों का अध्ययन करने के लिए भी कहा, ताकि योजनाओं एवं नीतियों के क्रियान्वयन में तथ्यों और आंकड़ों का प्रभावी उपयोग किया जा सके। बैठक में विभिन्न विभागों के 16 संयुक्त शासन सचिव उपस्थित रहे, जिनमें से 7 अधिकारियों ने हाल ही में पदभार ग्रहण किया है।

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