जैसलमेर। जिला निर्वाचन अधिकारी (कलक्टर) अनुपमा जोरवाल ने नगर परिषद जैसलमेर एवं नगरपालिका पोकरण के आम चुनाव-2026 के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा लागू की गई आदर्श आचार संहिता की पालना के लिए तथा सभा व जुलूस के लिए लागू किए गए प्रावधानों की पालना के निर्देश दिए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी (कलक्टर) जोरवाल ने बताया कि 9 सितम्बर 2026 को नगरपरिषद जैसलमेर एवं 11 सितम्बर को नगरपालिका पोकरण के होने वाले आम चुनाव-2026 को ध्यान रखते हुए राजनैतिक दलों और उम्मीदवारों को चाहिए कि वे और उनके समर्थक अन्य दलों या उम्मीदवारों द्वारा आयोजित सभाओं व जुलूसों में बाधाएं उत्पन्न नहीं करें, और न ही अन्य दलों व उम्मीदवारों द्वारा आयोजित सार्वजनिक सभाओं में मौखिक रूप से या लिखित रूप से प्रश्न पूछकर या अपने वितरित कर कोई विघ्न पैदा करें। इसी प्रकार दलों व अभ्यर्थियों द्वारा उन स्थानों से होकर अपना जुलूस नही निकालना है, जहां पर दूसरे दल अथवा अन्य अभ्यर्थी द्वारा सभा की जा रही है। किसी दूसरे दल अथवा अभ्यर्थी के द्वारा लगाए गए पोस्टर भी नहीं हटवाने है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि दल अथवा अभ्यर्थी को चुनाव प्रचार के लिए सभा करने से पूर्व यह सुनिश्चित कर लेना है कि जहां पर उनके द्वारा सभा करने का प्रस्ताव है वहां कोई निर्बधनात्मक या प्रतिबंधात्मक लागू नहीं है और यदि ऐसे आदेश लागू हो तो उनकी कडाई के साथ पालना की जावें। यदि ऐसे आदेशों से अपेक्षित है तो उसके लिए यथासंभव सक्षम अधिकारी को आवेदन करके छूट प्राप्त करनी है। दल व अभ्यर्थी को प्रस्तावित सभा के स्थान और समय के बारे में स्थानीय पुलिस अधिकारियों को समय पर सूचना देनी है ताकि यात्रायात नियंत्रण करने और शांति तथा व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक इंतजाम उनके द्वारा किए जा सकें। उन्होंने बताया कि दल या अभ्यर्थी को चाहिए कि वे अपने किसी प्रस्तावित सभा के संबंध में लाउड स्पीकरों के प्रयोग या अन्य किसी सुविधा के लिए अनुमति प्राप्त करना चाहें तो संबंधित सक्षम अधिकारी के पास समय पूर्व अर्थात पहले से ही आवेदन करें एवं ऐसी अनुमति प्राप्त कर ले। लाउड स्पीकरों के उपयोग की अनुमति यदि अपेक्षित है तो बिना अनुमति लाउड स्पीकरों का प्रयोग नही करना चाहिए और सक्षम अधिकारी से अनुमति लेने के पश्चात् भी लाउडस्पीकरों को ऊंची आवाज में कदापि नहीं बजायें। उन्होंने बताया कि किसी दल या अभ्यर्थी के द्वारा सभा आयोजित करने पर यदि ऐसी सभा में कोई विघ्न डाले या अव्यवस्था फैलाने का प्रयास करें तो सभा के आयोजकों को चाहिए कि विघ्न डालने वाले और अव्यवस्था फैलाने का काम करने वाले व्यक्तियों से निपटने के लिए ड्यूटी पर तैनात पुलिस की सहायता प्राप्त करें। आयोजकों को स्वयं ऐसे व्यक्त्यिों के विरूद्ध कोई कार्यवाहीं नहीं करनी चाहिए। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि इसी प्रकार जुलूस के लिए दल या अभ्यर्थी को चाहिए कि वे पहले से ही तय कर लें कि जुलूस किस समय, किस स्थान से शुरू होकर और किस स्थान पर समाप्त होगा तथा किस मार्ग से जाएगा। जुलूस के आयोजकों को चाहिए कि वे जुलूस के कार्यक्रम के बारे में स्थानीय पुलिस को पूर्व में सूचित कर जुलूस आयोजन करने से पूर्व यह पता कर लें कि जुलूस के निकालने के संबंध में कोई निबंधात्मक आदेश तो लागू नही है। और जब तक सक्षम अधिकारी के द्वारा छूट न दे दी जावे तब तक उन निर्बंधनों की पालना करनी चाहिए। जुलूस के आयोजन के समय यातायात में रूकावट न हों। जुलूस को सडक के एक ओर रखना चाहिए। इसी प्रकार यदि दो या दो से अधिक राजनैतिक दलों या अभ्यर्थियों ने लगभग उसी समय पर उसी रास्ते से या मार्ग से जुलूस निकालने का प्रस्ताव किया है तो आयोजको को चाहिए कि वे समय से काफी पूर्व आपस में संपर्क स्थापित करें और ऐसी योजना बनाए जिससे कि जुलूसों में टकराव न हों और न यातायात को बाधा पहुंचे। दल या अभ्यर्थी को उनके द्वारा आयोजित जुलूसों में किसी व्यक्ति को ऐसी वस्तु लेकर चलने की अनुमति नहीं देनी चाहिए जिसका कि उत्तेजना के क्षणों में दुरूपयोग हो सकें। किसी दल या अभ्यर्थी को अन्य दलों के सदस्यों या उनके नेताओं या अन्य अभ्यर्थी के पुतले लेकर चलने, उनको किसी सार्वजनिक स्थान पर जलाने का कार्य नहीं करना चाहिए और न ही ऐसे प्रदर्शनों का समर्थन करना चाहिए। जिला निर्वाचन अधिकारी ने दल एवं अभ्यर्थियों को जुलूस एवं सभाओं के लिए इन प्रावधानों की पालना करने के निर्देश दिए है।
नगरीय निकाय चुनाव 2026 : सभा एवं जुलूस के लिए आचार संहिता के दौरान इन प्रावधानों की करनी होगी पालना
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