अनियमितता पाए जाने पर दो उर्वरक विक्रेताओं के अनुज्ञापत्र निलंबित

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चित्तौड़गढ़। जिले में उर्वरकों की व्यवस्था सुचारू बनाए रखने तथा यूरिया की कालाबाजारी एवं जमाखोरी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए कृषि विभाग द्वारा निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही किसानों को उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है।

इसी क्रम में सहायक निदेशक कृषि, चित्तौड़गढ़ द्वारा मैसर्स स्वाभिमान व्हीट प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, घटियावली तथा मैसर्स महाकाल खाद बीज भंडार, मोहम्मदपुरा, निम्बाहेड़ा के उर्वरक विक्रय परिसरों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं पाए जाने पर सहायक निदेशक कृषि, चित्तौड़गढ़ द्वारा पत्र क्रमांक 3468 एवं 3469 दिनांक 27 अगस्त 2026 के माध्यम से दोनों प्रतिष्ठानों के उर्वरक अनुज्ञापत्र निलंबित किए जाने की अनुशंसा की गई। इसके आधार पर दोनों उर्वरक विक्रेताओं के उर्वरक अनुज्ञापत्र निलंबित कर दिए गए हैं।

एफएफएस पोर्टल से ही करें उर्वरकों का विक्रय

कृषि विभाग ने जिले के समस्त आदान विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि उर्वरकों सहित अन्य आदानों का विक्रय नियमानुसार एवं एफएफएस पोर्टल के माध्यम से ही किया जाए। प्रत्येक कृषक को अनिवार्य रूप से बिल उपलब्ध करवाया जाए तथा नियमानुसार सभी आवश्यक दस्तावेज प्रतिष्ठान पर संधारित किए जाएं।

किसानों से फार्मर रजिस्ट्री करवाने की अपील

कृषि विभाग ने जिले के सभी किसानों से अपील की है कि जिले में 1 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक आयोजित होने वाले फार्मर रजिस्ट्री कैंपों में जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री अभी तक नहीं हुई है, वे आवश्यक रूप से अपनी फार्मर रजिस्ट्री करवाएं।

किसान अपनी आवश्यकता के अनुरूप एफएफएस पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण कर उर्वरकों का क्रय करें। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर स्थानीय कृषि पर्यवेक्षक अथवा संबंधित कृषि कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।

विभाग ने किसानों से उर्वरकों का अनावश्यक अग्रिम भंडारण नहीं करने की अपील की है। कृषि विभाग के अनुसार वर्तमान में जिले में उर्वरकों की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता है।

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