ई-श्रम पोर्टल ने पूरे किए पांच साल, 31.89 करोड़ से अधिक असंगठित श्रमिकों का हुआ पंजीकरण : सरकार

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नई दिल्ली। देश के असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए शुरू किया गया ई-श्रम पोर्टल 26 अगस्त 2026 को अपने 5 वर्ष पूरे कर रहा है। इस अवसर पर जारी एक आधिकारिक फैक्टशीट के अनुसार, पोर्टल पर अब तक 31.89 करोड़ श्रमिकों का पंजीकरण हो चुका है, जबकि लगभग 11.5 लाख प्लेटफॉर्म श्रमिक भी इस प्रणाली से जुड़ चुके हैं।
सरकार का कहना है कि इस व्यापक डिजिटल डाटाबेस के माध्यम से असंगठित श्रमिकों के लिए अधिक प्रभावी सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाएं तैयार करने तथा उन्हें बेहतर ढंग से लागू करने में मदद मिलेगी। यह मंच श्रमिकों की वास्तविक स्थिति और आवश्यकताओं को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण आधार बनकर उभरा है।
वर्ष 2021 में शुरू किए गए ई-श्रम पोर्टल को असंगठित श्रमिकों के लिए आधार-आधारित राष्ट्रीय डाटाबेस के रूप में विकसित किया गया था, जिसके अंतर्गत प्रत्येक पंजीकृत श्रमिक को एक विशिष्ट सार्वभौमिक खाता संख्या (यूएएन) प्रदान की जाती है। समय के साथ यह केवल पंजीकरण मंच नहीं रहा, बल्कि कल्याणकारी योजनाओं, रोजगार, कौशल विकास, अप्रेंटिसशिप और पेंशन सेवाओं को एकीकृत करने वाला एक व्यापक डिजिटल मंच बन गया है।
सरकारी बयान में कहा गया है कि ई-श्रम ने लाभ वितरण को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया है, जिससे श्रमिकों को मिलने वाली सुविधाओं की पोर्टेबिलिटी बढ़ी है और सरकार को तथ्य-आधारित नीतियां बनाने में सहायता मिली है। यह पहल प्रौद्योगिकी आधारित और समावेशी सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, पंजीकृत श्रमिकों में 54.28 प्रतिशत महिलाएं हैं, जबकि 45.72 प्रतिशत पुरुष हैं। आयु वर्ग के आधार पर देखें तो 55.21 प्रतिशत श्रमिकों की आयु 18 से 40 वर्ष के बीच है। वहीं 24.18 प्रतिशत श्रमिक 40 से 50 वर्ष आयु वर्ग में आते हैं और 20.53 प्रतिशत श्रमिकों की आयु 50 वर्ष से अधिक है।
व्यावसायिक श्रेणियों में सबसे अधिक पंजीकरण कृषि क्षेत्र, घरेलू एवं गृहकार्य श्रमिकों, निर्माण क्षेत्र के श्रमिकों तथा कपड़ा उद्योग से जुड़े कामगारों का हुआ है, जो यह दर्शाता है कि देश के बड़े असंगठित कार्यबल को इस मंच से जोड़ने में उल्लेखनीय सफलता मिली है।
राज्यों के स्तर पर उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में सबसे अधिक पंजीकरण दर्ज किए गए हैं। अधिकांश श्रमिकों का पंजीकरण कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से किया गया, जबकि बड़ी संख्या में श्रमिकों ने स्वयं भी पोर्टल पर पंजीकरण कराया।
बयान में कहा गया है कि ई-श्रम पोर्टल ने देश के असंगठित कार्यबल के लिए एक मजबूत और प्रौद्योगिकी समर्थित सामाजिक सुरक्षा ढांचे की नींव रखी है, जिससे सरकार को श्रमिकों के लिए लक्षित और पारदर्शी सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिली है।
पोर्टल का वन-स्टॉप सॉल्यूशन वर्तमान में 15 सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं को एक ही मंच पर उपलब्ध कराता है। पंजीकृत श्रमिक अपनी पात्र योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और यह भी देख सकते हैं कि उन्हें पहले कौन-कौन से लाभ मिल चुके हैं। इससे विभिन्न सरकारी डिजिटल मंचों के बीच बेहतर समन्वय भी स्थापित हुआ है।
ई-श्रम पोर्टल के माध्यम से श्रमिक प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) में भी आसानी से नामांकन करा सकते हैं। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत पंजीकृत श्रमिकों को दुर्घटना में मृत्यु या स्थायी पूर्ण विकलांगता की स्थिति में 2 लाख रुपए का बीमा कवर प्राप्त होता है, जबकि आंशिक विकलांगता की स्थिति में 1 लाख रुपए की सहायता का प्रावधान है।

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