वित्त मंत्री सीतारमण ने भारत की निवेशक हितैषी नीतियों पर कनाडा के निवेशकों से की चर्चा

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टोरंटो। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत में निवेशकों के लिए अनुकूल नीतिगत माहौल, टैक्स से जुड़ी ज्यादा निश्चितता और लगातार हो रहे सुधारों का जिक्र करते हुए कनाडाई कंपनियों से देश में अलग-अलग सेक्टर और इलाकों में नए मौकों और पार्टनरशिप की संभावनाओं को तलाशने की अपील की। यह जानकारी वित्त मंत्रालय की ओर से गुरुवार को दी गई। यह अपील वित्त मंत्री सीतारमण ने टोरंटो में कनाडा की प्रमुख कंपनियों के सीईओ, प्रेसिडेंट और सीनियर एग्जीक्यूटिव्स के साथ एक हाई-लेवल बिजनेस राउंडटेबल के संबोधन के दौरान की।
वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा, “इस राउंडटेबल में क्लीन टेक्नोलॉजी, जरूरी मिनरल्स, रेयर अर्थ्स, एनर्जी स्टोरेज, सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर, एग्रीकल्चर, फूड प्रोसेसिंग, ऑटोमोटिव, टेक्सटाइल्स, ग्रीन स्टील, एयरोस्पेस, स्पेस, साइबर सिक्योरिटी, बायोटेक्नोलॉजी, एआई, एसेट मैनेजमेंट, हायर एजुकेशन और स्किल्स डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों के बिजनेस लीडर्स एक साथ आए।”
उन्होंने ओंटारियो टीचर्स पेंशन प्लान (ओटीपीपी) की प्रेसिडेंट और सीईओ जो टेलर से मुलाकात की और भारत में ओटीपीपी के लंबे समय के भरोसे और एनआईआईएफ के साथ उसकी पार्टनरशिप की सराहना की।
मंत्रालय के अनुसार, “बातचीत में पार्टनरशिप और को-इन्वेस्टमेंट के जरिए ओटीपीपी के इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश को बढ़ाने के मौकों पर चर्चा की गई, जिसमें ट्रांसमिशन, ट्रांसपोर्ट, शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्र शामिल हैं।”
वित्त मंत्री सीतारमण ने ग्लोबल निवेशकों के लिए गिफ्ट-आईएफएससी को एक प्लेटफॉर्म के तौर पर बताया और ओटीपीपी को भारत के साथ अपने जुड़ाव को और मजबूत करने और भारत में बड़े निवेश के मौकों को तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया।
उन्होंने ओएमईआरएस के प्रेसिडेंट और सीईओ ब्लेक हचेसन से मुलाकात की और भारत में ओएमईआरएस के लगातार भरोसे की सराहना की। साथ ही, उन्होंने संस्थान को इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट में अपने निवेश को आधार बनाकर लंबे समय के जुड़ाव को और गहरा करने के लिए प्रोत्साहित किया।
बातचीत में ट्रांसपोर्टेशन, ट्रांसमिशन, रिन्यूएबल एनर्जी, शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में मौकों पर ध्यान दिया गया। इसमें भारत की मजबूत ग्रोथ, बढ़ते मिडिल क्लास और इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरतों का लाभ उठाने पर जोर दिया गया।
वित्त मंत्री ने भारत के निवेशक-अनुकूल पॉलिसी माहौल, टैक्स से जुड़ी ज्यादा निश्चितता और चल रहे सुधारों का जिक्र किया। उन्होंने ओएमईआरएस को भारत में अलग-अलग सेक्टर और इलाकों में नए मौकों और पार्टनरशिप को तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया।
कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड (सीपीपीआईबी) के प्रेसिडेंट और सीईओ जॉन ग्राहम के साथ हुई बैठक में, मंत्री ने भारत में उनके लगातार भरोसे और एनआईआईएफ इंफ्रा फंड II में निवेश समेत भारत के प्रति उनकी लंबी अवधि की प्रतिबद्धता की सराहना की। बातचीत मुख्य रूप से ट्रांसमिशन, रिन्यूएबल एनर्जी, सड़कों, बंदरगाहों, शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटरों के क्षेत्रों में इंस्टीट्यूशनल कैपिटल के लिए अवसर बढ़ाने पर केंद्रित रही।

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