जयपुर। नई दिल्ली के बीकानेर हाउस में 24 अगस्त तक चलने वाले दस दिवसीय ‘तीजोत्सव-2026’ में राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों से आए स्वयं सहायता समूहों राजीविका और रूडा से जुड़े समूहों एवं अन्य विक्रेताओं द्वारा अपने उत्पाद प्रदर्शित किए जा रहे हैं। खान-पान, पारंपरिक परिधान, हस्तशिल्प एवं अन्य स्थानीय उत्पादों के स्टॉलों पर आगंतुकों की अच्छी आवाजाही देखने को मिल रही है। इस अवसर पर प्रमुख आवासीय आयुक्त रोहित कुमार ने बताया कि तीजोत्सव में राजस्थान के अलग-अलग जिलों से आए छोटे-बड़े विक्रेता अपने उत्पादों को राजधानी के उपभोक्ताओं तक पहुंचाने में जुटे हुए हैं। राजस्थानी व्यंजन, पारंपरिक परिधान, साड़ियों, सूट, लहंगे, चूड़िया, लेदर के समान, सजावटी सामान, हैंड-पेंटेड वस्तुएं तथा हैंड-ब्लॉक प्रिंटेड कपड़े लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इन उत्पादों के माध्यम से आगंतुकों को राजस्थान के विभिन्न अंचलों की कला एवं स्थानीय शिल्प से परिचित होने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने बताया कि तीजोत्सव में राजीविका एवं स्वयं सहायता समूहों की सहभागिता से स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र के छोटे कारोबारियों और महिला उद्यमियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन एवं बिक्री का अवसर मिल रहा है। विभिन्न समूहों और विक्रेताओं की सहभागिता ने तीजोत्सव को राजस्थान की कला, खान-पान, परिधान एवं स्थानीय उद्यमिता के समन्वित मंच के रूप में स्थापित किया है। संयुक्त आवासीय आयुक्त रिंकु मीना ने बताया कि 24 अगस्त 2026 तक चलने वाले बीकानेर हाउस में आयोजित तीजोत्सव का उद्देश्य राजस्थान की लोक कला, संस्कृति, पारंपरिक खानपान एवं स्थानीय उत्पादों को राजधानी में व्यापक मंच उपलब्ध कराना है। उत्सव में विभिन्न जिलों से आए विक्रेताओं, राजीविका एवं स्वयं सहायता समूहों की सहभागिता से स्थानीय उत्पादों को नए बाजार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
हस्तशिल्पकारों को मिल रहा प्रोत्साहन
जयपुर के वैशाली नगर की विक्रेता ज्योति ने बताया कि बीकानेर हाउस के तीजोत्सव में उन्हें पहली बार अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर मिला है। वे हैंड-पेंटेड साड़ियों, सूट और लहंगों के साथ गोटा वर्क के उत्पाद लेकर आई हैं। उन्होंने बताया कि वे बिना किसी ट्रेसिंग के कपड़ों पर फ्री-हैंड पेंटिंग करती हैं और पूर्व में ‘बेस्ट क्राफ्ट’ एवं ‘बेस्ट डिस्प्ले’ पुरस्कार प्राप्त कर चुकी हैं। उन्होंने बताया कि तीजोत्सव में मिल रही सराहना से उनका उत्साह बढ़ा है और वे आगामी वर्ष भी तीजोत्सव में शामिल होना चाहेंगी। जयपुर के अश्विनी कुमार रावत पिछले तीन वर्षों से तीजोत्सव में हैंड-ब्लॉक प्रिंटेड शर्ट का स्टॉल लगा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे सूती एवं रेशमी वस्त्रों पर प्राकृतिक रंगों का उपयोग कर पारंपरिक हैंड-ब्लॉक प्रिंट तैयार करते हैं। उनके उत्पादों पर राजस्थान की कला एवं संस्कृति से प्रेरित डिजाइन बनाए जाते है और इनकी लागत कम होने से ग्राहकों द्वारा पसंद किया जा रहा है। स्टॉल पर खरीदारी कर रहे ग्राहकों ने भी हैंड-ब्लॉक प्रिंटेड शर्ट की गुणवत्ता और पारंपरिक डिजाइनों की सराहना की। इससे स्पष्ट है कि तीजोत्सव राजस्थान के स्थानीय कारीगरों एवं छोटे उद्यमियों को अपने उत्पादों के लिए नए उपभोक्ता और व्यापक बाजार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। टर्बन टाइंग प्रतियोगिता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम तीजोत्सव के तहत गुरुवार को टर्बन टाइंग प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें प्रतिभागियों ने पारंपरिक राजस्थानी पगड़ी बांधने की कला का प्रदर्शन किया। विजेता प्रतिभागियों को सम्मानपूर्वक उपहार और प्रषस्ति पत्र भी प्रदान कए गए।

बीकानेर हाउस में दस दिवसीय ‘तीजोत्सव-2026’: रूडा और राजीविका उत्पादों को मिला जनसमर्थन – राजस्थान के विभिन्न अंचलों से आए समूहों ने दिखाया हुनर
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