जयपुर। उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचन्द बैरवा ने कहा कि आपणो अग्रणी राजस्थान संकल्प पत्र- 2023 की लंबित घोषणाओं को शीघ्र धरातल पर उतारा जाए। साथ ही प्रगतिरत योजनाओं का भी शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि संकल्प पत्र की घोषणाएं आमजन के कल्याण और प्रदेश के सर्वागीण विकास को केन्द्र में रखकर की गई हैं। इनके शीघ्र पूरा होने से आमजन को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह योजनाएं विकसित राजस्थान के संकल्प की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पायदान है। उपमुख्यमंत्री सोमवार को शासन सचिवालय में आपणो अग्रणी राजस्थान संकल्प पत्र- 2023 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए गठित मंत्रिमंडलीय समिति की तृतीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने संकल्प पत्र में सम्मिलित विभिन्न घोषणाओं की विभागवार समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा- निर्देश प्रदान किये। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति के बारे में फीडबैक लिया तथा आगामी कार्य योजनाओं के बारे में विस्तार से चर्चा की। साथ ही -गत समीक्षा बैठक में दिये गए निर्देशों की अनुपालना की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों के अधिकारी योजनाओं की प्रगति की जानकारी नियमित रूप से पोर्टल पर अद्यतन करें। उन्होंने संकल्प पत्र की लंबित योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही चुनौतियों के संबंध में भी अधिकारियों के साथ चर्चा की तथा उनकी शीघ्र क्रियान्विति के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। डॉ. बैरवा ने कहा कि संकल्प पत्र में किये गए प्रत्येक वादे को प्राथमिकता से शुरू कर निर्धारित समय सीमा में क्रियान्वित किया जाए तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलम्ब नहीं हो। उन्होंने कहा कि योजनाओं के लिए भूमि आवंटन के मामलों के निपटारे के लिए संबंधित विभाग साथ मिलकर काम करें, ताकि सभी विकास योजनाएं समय पर शुरू हो सकें और जनता को उनका लाभ जल्द मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को विभाग के स्तर पर योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग के भी निर्देश दिये। बैठक में मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने अधिकारियों से कहा कि संकल्प घोषणा पत्र की लगभग 73 प्रतिशत योजनाएं धरातल पर उतर गई हैं। शेष योजनाओं के क्रियान्वयन में भी तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं की क्रियान्वयन में एक से अधिक विभाग शामिल हैं, वे आपसी समन्वय से कार्य योजना बनाकर योजनाओं को शीघ्र पूरा करना सुनिश्चित करें। मुख्य सचिव ने मुख्य रूप से ऑटो एवं टैक्सी चालकों का आयुष्मान भारत, पीएम-जीवन ज्योति बीमा योजना, पीएम- सुरक्षा बीमा योजना आदि योजनाओं के अन्तर्गत 100 प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने पिंक टॉयलेट योजना, शहर में पार्किंग व्यवस्था, सोलर पार्कों की स्थापना, खेल आधुनिकीकरण, खुशीराम बास्केटबॉल अकादमियों की स्थापना, खेलो राजस्थान यूथ गेम्स का आयोजन, झुग्गी झोंपडियों में वाटर एटीएम की स्थापना आदि विभिन्न घोषणाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की और इनके समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि यह योजनाएं सीधे जनता से जुड़ी हैं। अधिकारी इनकी शीघ्र क्रियान्विति सुनिश्चित करें, ताकि आमजन को इनका शीघ्र लाभ सुनिश्चित हो सके। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन विभाग अभय कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग कुलदीप रांका, अतिरिक्त मुख्य सचिव, वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग आनन्द कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव, जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग कुंजी लाल मीणा, अतिरिक्त मुख्य सचिव, नगरीय विकास एवं आवासन विभाग आलोक गुप्ता, प्रमुख शासन सचिव, जन स्वास्थ्य अभियान्त्रिकी हेमन्त कुमार गेरा, प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़, प्रमुख शासन सचिव, राजस्व एवं उपनिवेशन विभाग टी. रविकांत, प्रमुख शासन सचिव, परिवहन विभाग भवानी सिंह देथा, शासन सचिव, सहकारिता विभाग समित शर्मा, शासन सचिव आयोजना रवि कुमार सुरपुर, शासन सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग पूनम, अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक, राजस्थान अक्षय उर्जा निगम लिमिटेड डॉ. रोहित गुप्ता सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।

उपमुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई आपणो अग्रणी राजस्थान संकल्प पत्र- 2023 की प्रगति की समीक्षा बैठक
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