नई दिल्ली। सोमवार को कांग्रेस झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के मामले में उलझन में दिखी। पार्टी ने इस आंदोलन पर ज़्यादातर चुप्पी साधे रखी है, जबकि NEET (UG) परीक्षा को लेकर वह हफ़्तों से लगातार केंद्र सरकार पर निशाना साधती रही है। लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कांग्रेस के किसी भी बड़े नेता ने इस आंदोलन पर कोई बयान नहीं दिया है और न ही गड़बड़ियों के लिए जवाबदेही तय करने की मांग की है। इस वजह से भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस पर निशाना साधा है।
केंद्र में सत्ता में मौजूद BJP ने कांग्रेस की चुप्पी को झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के साथ उसके गठबंधन से जोड़ा है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कांग्रेस को लोकतंत्र का दुश्मन और ‘चुनिंदा’ रवैया अपनाने वाला बताया है। उन्होंने सवाल किया कि पार्टी झारखंड, पंजाब और कर्नाटक में पेपर लीक के मामलों पर चुप क्यों है। उन्होंने समाचार एजेंसी ANI से कहा कि झारखंड, पंजाब और कर्नाटक के मामलों पर वे (कांग्रेस) चुप हैं। राहुल प्रयागराज जाकर हंगामा करते हैं। देश की जनता यह सब देख रही है… लोगों ने देख लिया है कि अमित शाह कौन हैं। राहुल गांधी से किसी सर्टिफिकेट की ज़रूरत नहीं है। खगोलशास्त्र
रांची के SP (ग्रामीण) गौरव गोस्वामी ने कहा कि जब उनमें से कुछ लोगों ने आखिरी बैरिकेडिंग तक पहुँचने की कोशिश की, जहाँ पहले से ही धारा 163 लागू है, तो हल्का लाठीचार्ज किया गया। लाठी का बहुत कम इस्तेमाल किया गया। हम लगातार छात्रों से बात कर रहे हैं। वे अभी शांत हैं और हम उनसे लगातार बातचीत कर रहे हैं। छात्र कुछ समय के लिए यहीं रुकने पर सहमत हो गए हैं। ADM (कानून-व्यवस्था) धनंजय कुमार ने कहा कि अभी सब कुछ पूरी तरह से शांतिपूर्ण है… छात्रों ने हमें भरोसा दिलाया था कि वे शांतिपूर्ण तरीके से मार्च निकालेंगे। हम भी यही अपील कर रहे थे। मुझे चोट के बारे में कोई जानकारी नहीं है।



