भिक्षावृति रोकने को लेकर निर्देश

ram

श्रीगंगानगर। राज्य सरकार के निर्देशानुसार 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों द्वारा स्वयं या अपने परिवार के साथ भिक्षावृति किये जाने के कई मामले संज्ञान में आये हैं, जो किशोर न्याय अधिनियम 2015, भारतीय न्याय संहिता के कानूनों के अतंर्गत दण्डनीय अपराध है। बच्चों को ऐसे शोषण से मुक्त करवाने के उद्देश्य से अभियान संचालित किया जाना है। जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव ने बताया कि बाल भिक्षावृति की प्रभावी रोकथाम के लिये विभाग द्वारा वर्ष 2017 में जारी मानक संचालन प्रक्रिया जारी की गई है, जिसकी पालना संबंधित विभागों को करनी होगी। विशेष सतत् अभियान के प्रभावी संचालन के लिये संबंधित विभागों के अधिकारियों व गैर सरकारी संगठनों की टास्क फोर्स गठित कर भिक्षावृति के प्रमुख स्थानों यथा धार्मिक स्थलों, बाजार, ट्रेफिक सिग्नल, पर्यटक स्थल आदि की पहचान कर गहन सर्वेक्षण किया जाकर ऐसे बच्चों को तुरन्त बचाव, चिकित्सा जांच परामर्श, पुर्नवास तथा शिक्षा, छात्रावास, रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण आदि विभिन्न सहायता योजनाओं से लाभान्वित किया जाना है। भिक्षावृति में संलिप्त करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही की जायेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *