निजी विद्यालयों को नियमों की पालना अनिवार्य, लापरवाही पर होगी कार्रवाई : शिक्षा मंत्री

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निजी विद्यालयों की मान्यता एवं लंबित आवेदनों के निस्तारण के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित
31 जुलाई से खुलेंगे निजी विद्यालयों की नवीन मान्यता के आवेदन

बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, मान्यता प्रक्रिया में होंगे आवश्यक संशोधन
जयपुर। शिक्षा मंत्री श्री मदन दिलावर ने कहा है कि राजस्थान में निजी विद्यालयों की मान्यता प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और सरल बनाया जाएगा। नवीन मान्यता के लिए आवेदन 31 जुलाई से आमंत्रित किए जाएंगे तथा प्रत्येक स्तर पर निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निजी विद्यालयों को सरकारी नियमों की पूर्ण पालना करनी होगी, अन्यथा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा मंत्री सोमवार को शिक्षा संकुल में निजी विद्यालयों की मान्यता प्रक्रिया के सरलीकरण तथा लंबित प्रकरणों की समीक्षा बैठक में निर्देश दे रहे थे। श्री दिलावर ने नवीन मान्यता आवेदनों की प्रक्रिया की विस्तृत समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि प्रथम स्तर पर गठित समिति 7 दिवस के भीतर जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी 15 दिवस के भीतर रिपोर्ट का परीक्षण कर उसे अग्रेषित करेंगे। अंतिम निर्णय निदेशक स्तर पर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जांच प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी होगी। समिति के गठन तथा रिपोर्ट प्रस्तुत करने की संपूर्ण प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा के अनुरूप होगी। यदि कोई जांच अधिकारी अनावश्यक विलंब करता है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण में पाई गई प्रत्येक कमी का स्पष्ट उल्लेख किया जाएगा तथा आवेदन निर्धारित प्रारूप में ही स्वीकार किए जाएंगे। साथ ही बच्चों की सुरक्षा एवं नियमों के सरलीकरण के लिए आवश्यक संशोधन भी किए जाएंगे। शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिए कि विद्यालयों में छात्रों के बैठने की समुचित व्यवस्था, प्रार्थना सभा, भवन, कक्षों, आवागमन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं का गहन निरीक्षण किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा विद्यालय यह सुनिश्चित करें कि बच्चों को विद्यालय परिसर के बाहर वाहन से न उतारा जाए, बल्कि सुरक्षित रूप से परिसर के भीतर ही उतारा जाए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निजी विद्यालयों की मान्यता से संबंधित लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो विद्यालय निर्धारित मानकों एवं नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी तथा आवश्यकता होने पर उनकी मान्यता भी निरस्त की जा सकेगी। श्री दिलावर ने कहा कि जिन विद्यालयों में डमी विद्यार्थियों की प्रवृत्ति पाई जाएगी अथवा विद्यालय समय में विद्यार्थी कोचिंग संस्थानों में अध्ययन करते पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। बिना मान्यता के विद्यालय संचालन अथवा अन्य आवश्यक नियमों के उल्लंघन पर भी कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिए कि किसी भी छात्र की फीस बकाया होने के कारण उसकी स्थानांतरण प्रमाण-पत्र (टीसी) अथवा अन्य आवश्यक शैक्षणिक दस्तावेज नहीं रोके जाएं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को अनावश्यक रूप से परेशान करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अतिक्ति मुख्य सचिव श्री राजेश कुमार यादव ने कहा कि राज्य सरकार निजी विद्यालयों की मान्यता प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्धारित समयसीमा में सभी स्तरों पर जांच एवं प्रकरणों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन प्रक्रिया को प्रभावी बनाते हुए प्रत्येक आवेदन का गुणवत्तापूर्ण परीक्षण किया जाए तथा बच्चों की सुरक्षा, आधारभूत सुविधाओं और निर्धारित मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण कर पात्र संस्थाओं को समय पर मान्यता प्रदान की जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। बैठक में निदेशक श्री सीताराम जाट सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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