नार्काे-टेररिज्म पर निर्णायक प्रहार,मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार में नशे के खिलाफ

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जयपुर। युवा पीढ़ी और राष्ट्रीय सुरक्षा को कमजोर करने की साजिश यानी ‘नार्काे-टेररिज्म‘ के खिलाफ केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा शुरू किए गए अभियान में राजस्थान ने पूरी मुस्तैदी से रिकॉर्ड कार्रवाईयों को अंजाम दिया है। गत 31 मार्च, 2026 से शुरू किए गए देशव्यापी तीन वर्षीय नशा मुक्ति अभियान के लक्ष्य को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान में अवैध नशे के सौदागरों के खिलाफ मिशन मोड ऑन कर दिया है। अक्टूबर, 2025 में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) के गठन के बाद प्रदेश में एनडीपीएस के 5 हजार 951 प्रकरण दर्ज कर 7 हजार 502 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल षर्मा की मंशा के अनुरूप राजस्थान पुलिस द्वारा भावी पीढ़ियों की सेहत और सामाजिक स्थिरता पर सुनियोजित प्रहार को रोकने के लिए सीमा पार तस्करी एवं संगठित अपराध के खिलाफ लगातार रिकॉर्ड कार्रवाईयां की जा रही हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, विशेष रूप से प्रशिक्षित स्थायी टीमों, पुख्ता अनुसंधान और मजबूत सूचना तंत्र से एएनटीएफ नशा तस्करी के पूरे नेटवर्क, उत्पादन, परिवहन, वितरण से लेकर उपभोग की सप्लाई चेन पर एक साथ प्रहार कर रही है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाइयों में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। राजस्थान पुलिस द्वारा वर्ष 2023 के मुकाबले मई 2026 मई तक नशीले पदार्थों के निस्तारण में 11 गुना की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अवैध अफीम की खेती को नष्ट करने का दायरा बढ़कर 170 एकड़ तक पहुंच गया है।
एएनटीएफ ने 9 माह में की बड़ी कार्रवाइयां
एएनटीएफ द्वारा गठन के बाद 515 कार्रवाइयां कर 703 तस्कर गिरफ्तार किए। वहीं, एएनटीएफ व जिला पुलिस द्वारा 9 माह में 5 हजार 951 कार्रवाइयां कर 7 हजार 502 तस्करों को गिरफ्तार किया गया। एएनटीएफ द्वारा 9 माह में ही 10 एमडी फैक्ट्रियां पकड़ी गई। जिला पुलिस के साथ कुल 30 एमडी फैक्ट्रियों को जमींदोज किया गया। गठन से अब तक कुल 692 करोड़ 2 लाख 30 हजार 201 रुपए के अवैध मादक पदार्थ जब्त किए गए। प्रदेष में 17 बड़े अभियान चलाकर नशे की अवैध खेती को जड़ से ध्वस्त किया गया।
पीड़ितों का सम्बल- मानस हेल्पलाइन
नशे की दलदल में फंसे युवाओं को बाहर निकालने और तस्करों की गुप्त सूचनाएं देने के लिए मानस हेल्पलाइन (1933) एक संजीवनी साबित हो रही है। इसके जरिए पूर्ण गोपनीयता के साथ सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है। यहां लोगों को उपचार सम्बंधी मार्गदर्शन, काउंसलिंग और पुनर्वास की सटीक जानकारी मिल रही है। एएनटीएफ द्वारा नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत ऑपरेशन लक्ष्मण रेखा में 157 षिविर लगा कर नशे के खतरे के प्रति लोगों को जागरूक भी किया गया।

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