झालावाड़। मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान-2.0 एवं प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-2.0 के अंतर्गत जिला स्तरीय समिति की मासिक समीक्षा बैठक सोमवार को जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में मिनी सचिवालय सभागार में आयोजित हुई। बैठक में वन विभाग क़ृषि विभाग उद्यान विभाग एवं जलग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान-2.0 के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय चरण की प्रगति तथा आगामी चतुर्थ चरण के लिए प्रस्तावित गांवों की जानकारी प्रस्तुत की। साथ ही प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-2.0 के अंतर्गत अकलेरा, बकानी, डग एवं पिड़ावा ब्लॉकों में संचालित कार्यों की प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के प्रथम चरण में जिन कार्यों की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी हो चुकी है तथा जो कार्य भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार कराए जा सकते हैं, उन्हें प्राथमिकता के साथ शीघ्र पूर्ण कराया जाए। जिन कार्यों को पूरा किया जा चुका है उनकी जियो टैग फोटो एवं आवश्यक जानकारी पोर्टल पर समयबद्ध अपलोड करना सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने द्वितीय चरण के अंतर्गत राज्य स्तर पर स्वीकृत कार्यों की स्वीकृति शीघ्र ही जारी कर कर कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश दिए। वहीं तृतीय चरण के लिए प्रत्येक ब्लॉक से कार्यों एवं आवश्यक राशि का यथार्थ आकलन तैयार कर जिला स्तर पर भिजवाने तथा चतुर्थ चरण के लिए नियमानुसार गांवों का चयन करते समय जलभराव एवं कैचमेंट क्षेत्र को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-2.0 की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने कहा कि योजना की अवधि सितंबर 2026 तक बढ़ा दी गई है, इसलिए सभी लंबित कार्य निर्धारित समय से पूर्व पूर्ण कराते हुए भुगतान की प्रक्रिया भी समयबद्ध रूप से पूरी की जाए। उन्होंने मेंजर , बीज ग्रेडिंग मशीन, स्प्रेयर सहित अन्य कृषि उपकरणों के लाभार्थियों एवं समूहों की सूची जिला स्तर पर उपलब्ध कराने, जलग्रहण क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने तथा मिशन वाटरशेड पुर्नउत्थान के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों को शीघ्र प्रारंभ कर नियमानुसार पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी कार्यों की प्रगति नियमित रूप से पोर्टल पर अपलोड करने पर भी विशेष जोर दिया।
बैठक में एडवांस वर्क की समीक्षा के दौरान जिला कलक्टर ने कृषि वानिकी, उद्यानिकी, चारागाह सहित विभिन्न क्षेत्रों में पौधारोपण कार्यों को विभागीय लक्ष्य के अनुरूप गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ब्लॉक में किए जा रहे पौधारोपण कार्यों की प्रगति हरियालो राजस्थान पोर्टल पर नियमित रूप से अपलोड की जाए तथा इसकी सूचना जिला कार्यालय को भी उपलब्ध कराई जाए।
जल संचय जन भागीदारी अभियान (जेएसजेबी-3.0) की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले को 37 हजार 191 कार्यों का लक्ष्य आवंटित किया गया है। इस पर जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि 1 जून 2026 से अब तक किए गए सभी कार्यों की प्रगति तत्काल पोर्टल पर दर्ज की जाए तथा आगामी मासिक समीक्षा बैठक से पूर्व कम से कम 10 हजार कार्यों की प्रगति अपलोड करना सुनिश्चित किया जाए।
बैठक के अंत में जिला कलक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, नियमित मॉनिटरिंग एवं आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं के लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि जिले का प्रदर्शन राज्य स्तर पर उत्कृष्ट बना रहे।



