डीग। राज्य सरकार के मंशानुरूप आमजन को स्थानीय स्तर पर राहत प्रदान करने और राजस्व संबंधी जटिलताओं का मौके पर ही समाधान करने के लिए आयोजित किए जा रहे ग्रामीण सेवा शिविर 2026 लगातार मील का पत्थर साबित हो रहे हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को उपखण्ड सीकरी की ग्राम पंचायत खोहरी में आयोजित शिविर के दौरान प्रशासनिक संवेदनशीलता और मुस्तैदी की एक मिसाल सामने आई, जहाँ राजस्व रिकॉर्ड की एक पेचीदा तकनीकी त्रुटि को मौके पर ही दुरुस्त कर जरूरतमंद काश्तकार को उसकी पैतृक जमीन का वास्तविक मालिकाना हक दिलाया गया। ग्राम इन्द्रगढ़ के काश्तकार लंबे समय से अपनी पैतृक भूमि के दस्तावेजों में दर्ज एक बड़ी लिपकीय विसंगति को लेकर परेशान थे। ग्राम इन्द्रगढ़ के राजस्व रिकॉर्ड के अंतर्गत जमाबंदी खाता संख्या 105 में काश्तकार का वास्तविक नाम कुन्दन पुत्र गोविन्दराम होने के बजाय तकनीकी भूलवश कुन्दनलाल पुत्र गोविन्दसिंह दर्ज हो गया था। नाम और पिता के नाम में इस दोहरी तकनीकी विसंगति के कारण काश्तकार को अपनी ही वैध भूमि पर किसी भी प्रकार के सरकारी लाभ, केसीसी अथवा हस्तांतरण प्रक्रिया में गंभीर कानूनी अड़चनों का सामना करना पड़ रहा था। खोहरी में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान जब यह मामला राजस्व टीम के समक्ष आया, तो अधिकारियों ने तुरंत सजगता दिखाई। उपखंड प्रशासन सीकरी की टीम द्वारा काश्तकार द्वारा प्रस्तुत वैध मूल विधिक दस्तावेजों का मौके पर ही त्वरित भौतिक सत्यापन किया गया। आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूर्ण करते हुए राजस्व रिकॉर्ड में त्रुटिपूर्ण नाम को संशोधित कर पूरी तरह शुद्ध रूप में कुन्दन पुत्र गोविन्दराम दर्ज किया गया। बरसों पुराने इस पेचीदा मामले का बिना किसी अदालती चक्कर या दफ्तरों की दौड़-भाग के एक ही दिन में समाधान होने पर पीड़ित काश्तकार भावुक हो उठा। राहत पाने के बाद संतुष्ट काश्तकार एवं उपस्थित ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री राजस्थान, राज्य सरकार एवं स्थानीय प्रशासन की इस त्वरित, पारदर्शी व संवेदनशील कार्यशैली के प्रति सहृदय आभार व धन्यवाद ज्ञापित किया।

ग्रामीण सेवा शिविर में दूर हुई राजस्व विसंगति: सरकारी रिकॉर्ड में गोविन्दराम बन गए थे गोविन्दसिंह, मौके पर दुरुस्त हुआ नाम
ram


