जयपुर। सहकारिता विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने सोमवार को शासन सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) का निरीक्षण कर विभाग से संबंधित प्रकरणों एवं शिकायतों की समीक्षा की। उन्होंने हेल्पलाइन के माध्यम से परिवादियों से संवाद कर उनकी शिकायतें सुनीं और तत्काल निस्तारण करवाया। शासन सचिव ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि संपर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का त्वरित, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। डॉ. शर्मा ने कहा कि सहकारिता विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए संपर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक परिवादी को समयबद्ध एवं तथ्यात्मक जवाब उपलब्ध करवाया जाए। शिकायतों के निस्तारण में केवल औपचारिक जवाब देने की बजाय समस्याओं का व्यवहारिक समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन का सहकारिता तंत्र पर विश्वास और अधिक मजबूत हो सके। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर शिकायत समाधान की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। संवाद के दौरान अलवर जिले से परिवादी ने बताया कि महाराजावास ग्राम सेवा सहकारी समिति के व्यवस्थापक द्वारा उन्हें अल्पकालीन फसली ऋण की स्वीकृत पूरी राशि उपलब्ध नहीं करवाई गई है। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा प्रतिवर्ष 40 हजार रूपये कॉपरेटिव बैंक में जमा करवाये हैं, लेकिन इस बार 51 हजार 460 रूपये जमा करवाये गये है। जून, 2025 का 11 हजार रूपये का भुगतान उन्हें नहीं दिया गया है। इस पर शासन सचिव ने पैक्स व्यवस्थापक और केन्द्रीय सहकारी बैंक, अलवर के प्रबंध निदेशक, सभी संबंधित को कॉफ्रेन्स कॉल से जोड़ा एवं एम.डी अपेक्स बैंक से तत्काल मामले की पूर्ण जानकारी ली। समिति व्यवस्थापक अभय यादव द्वारा भुगतान नहीं किये जाने तथा शिकायत सही मानने पर उन्हें निलम्बित करने के निर्देश दिए। साथ ही अलवर के प्रबंध निदेशक को राजस्थान सहकारी अधिनियम की धारा-55 के अंतर्गत जांच के आदेश दिये। साथ ही प्रकरण में जांच कर 7 दिवस में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए। इसी प्रकार, अजमेर जिले के शिकायताकर्ता सुरेन्द्र ने बताया कि उन्हें 5 वर्ष से फसली ऋण नहीं दिया जा रहा है। मामले में शासन सचिव ने शाम तक शिकायत का निस्तारण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही, प्रकरण के निस्तारण में अब तक हुई देरी का कारण भी स्पष्ट करने हेतु नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। शासन सचिव ने लगभग एक दर्जन परिवादियों से हेल्पलाइन के माध्यम से संवाद कर संबंधित अधिकारियों से मामले की पूरी जानकारी ली। उन्होंने प्रकरणों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के साथ ही देरी के लिए जिम्मेदार कार्मिकों को नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए। राजफेड के प्रबंध निदेशक सौरभ स्वामी, एम.डी. अपेक्स बैंक सहित सहकारिता विभाग एवं विभिन्न सहकारी संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस दौरान परिवादियों की शिकायतें सुनकर उनका निस्तारण करवाया। संपर्क पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार पिछले एक वर्ष में सहकारिता विभाग से संबंधित कुल 1 लाख 22 हजार 779 प्रकरण दर्ज हुए, जिनमें से 1 लाख 18 हजार 340 प्रकरणों का निस्तारण किया जा चुका है, जो लगभग 96 प्रतिशत है। विभाग में शिकायतों का औसतन निस्तारण 13 दिवस में किया जा रहा है, जो शिकायत निवारण प्रणाली की प्रभावशीलता एवं प्रशासनिक संवेदनशीलता को दर्शाता है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार आमजन की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए सभी विभागों के सचिव निर्धारित तिथियों पर राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) कंट्रोल रूम में उपस्थित होकर परिवादियों से सीधे संवाद कर रहे हैं। इस पहल के माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज कर शीघ्र समाधान प्राप्त कर रहे हैं।

सहकारिता विभाग के शासन सचिव ने राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) का किया निरीक्षण
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