विधानसभा अध्यक्ष ने विधानेश्वर महादेव मंदिर में की पूजा-अर्चना

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जयपुर। विधान सभा अध्‍यक्ष वासुदेव देवनानी ने सोमवार को सोमनाथ अमृत महोत्‍सव और सोमनाथ स्‍वाभिमान पर्व पर विधानसभा परिसर स्थित विधानेश्वर महादेव मंदिर में शिव अभिषेक और विधिवत पूजा-अर्चना की। देवनानी ने प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने भगवान शिव से समस्त प्रदेशवासियों के मंगलमय जीवन की प्रार्थना की।
भारतीय सांस्‍कृति‍क व आध्‍यात्मिक इतिहास का पावन पर्व
देवनानी ने कहा कि आज का दिन भारतीय सांस्कृतिक और आध्यात्मिक इतिहास का पावन पर्व है। यह भारतीय इतिहास का महत्वपूर्ण दिवस है। आज ही के दिन 11 मई 1951 को स्वतंत्र भारत में नव-निर्मित सोमनाथ मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा सम्पन्न हुई थी। सोमनाथ केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भारत की सनातन आत्मा, अदम्य आस्था और संघर्षशील संस्कृति का जीवंत प्रतीक है। इतिहास में अनेक बार विदेशी आक्रमणों के बावजूद यह मंदिर पुनः अपने गौरव के साथ खड़ा हुआ है, जो भारतीय समाज की अटूट श्रद्धा और आत्मबल को दर्शाता है।
वर्ष 2026 सोमनाथ मंदिर के इतिहास में विशेष महत्व
विधानसभा अध्‍यक्ष ने कहा कि वर्ष 2026 सोमनाथ मंदिर के इतिहास में विशेष महत्व रखता है। उन्‍होंने कहा कि एक ओर जहां मंदिर के पुनर्निर्माण और प्राण-प्रतिष्ठा के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सोमनाथ अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सोमनाथ मंदिर पर किए गए आक्रमण और विध्वंस की घटना के भी एक हजार वर्ष पूरे हुए हैं। सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण स्वतंत्र भारत की सांस्कृतिक अस्मिता के पुनर्जागरण का ऐतिहासिक अध्याय है। देश के लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने मंदिर पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था, जिसे 11 मई 1951 को भारत के प्रथम राष्‍ट्रपति डॉ. राजेन्‍द्र प्रसाद की उपस्थिति में हुई प्राण प्रतिष्‍ठा ने पूरे राष्‍ट्र की सांस्‍कृतिक स्‍मृति और आत्‍म विश्‍वास को नई शक्ति प्रदान की।
सनातन परम्‍परा मानवता के मूल्‍यों पर आधारित
देवनानी ने कहा कि भारत की वैदिक एवं सनातन परंपरा सदैव विश्वकल्याण, शांति और मानवता के उत्थान का संदेश देती है। सोमनाथ की पावन धरा उसी शाश्वत सांस्कृतिक चेतना का पवित्र स्‍थल है। आज जब भारत 2047 की ओर बढ़ रहा है तब सोमनाथ से जुड़े यह सभ्‍यतागत मूल्‍य और भी अधिक प्रासंगिक हो जाते है। उन्‍होंने कहा कि यह दिवस आने वाली पीढ़ियों को अपने इतिहास, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ता रहेगा। इस मौके पर विधायकगण, प्रमुख सचिव भारत भूषण शर्मा, विशिष्‍ट सहायक के.के. शर्मा सहित विधान सभा के अधिकारीगण व कर्मचारीगण मौजूद रहे। विधानेश्वर मंदिर में देवनानी को पंडित के.के. शर्मा और पंडित योगेश शर्मा ने विश्व कल्याण के लिए पूजा अर्चना करवाई।

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