मुंबई। इंडस्ट्री में कलाकारों को न सिर्फ अपने किरदार में ढलना पड़ता है, बल्कि निजी रिश्तों और भावनाओं से ऊपर उठकर काम करना भी सीखना होता है। एक अच्छा अभिनेता वही माना जाता है जो अपने सह-कलाकारों के साथ निजी समीकरण चाहे जैसे भी हों, कैमरे के सामने पूरी ईमानदारी और मेहनत के साथ किरदार निभा सके। इसी सोच को लेकर अभिनेत्री डायना पेंटी ने आईएएनएस से बात की। अपनी नई स्ट्रीमिंग सीरीज ‘डू यू वाना पार्टनर’ के प्रमोशन के दौरान उन्होंने अभिनय, प्रोफेशनलिज्म और को-एक्टर्स के साथ काम करने के अनुभव पर विस्तार से बात की। आईएएनएस से बात करते हुए डायना पेंटी ने कहा, ”एक अच्छे अभिनेता के लिए यह बहुत जरूरी है कि वह निजी रिश्तों को अपने काम पर हावी न होने दे। चाहे आप किसी सह-कलाकार के साथ अच्छे दोस्त हों या नहीं, स्क्रीन पर जो दिखता है, वह पूरी तरह से किरदार की मांग पर आधारित होना चाहिए, न कि व्यक्तिगत संबंधों पर।”
डायना ने कहा, “डू यू वाना पार्टनर” में मेरी सह-कलाकार तमन्ना भाटिया हैं, और उनके साथ काम करने का अनुभव काफी अच्छा रहा। हम दोनों के बीच सेट पर अच्छी बॉन्डिंग बनी, लेकिन मेरा मानना है कि एक अभिनेता की असली परीक्षा यही होती है कि वह निजी रिश्तों से अलग रहकर अपने किरदार को कितनी सच्चाई से निभा पाता है। अभिनय की गुणवत्ता इस बात से तय होती है कि कलाकार अपने निजी अनुभवों और भावनाओं को कितनी समझदारी से अलग रख पाता है।”
डायना ने कहा, ”इस शो के मामले में मैं खुद को भाग्यशाली मानती हूं, क्योंकि तमन्ना के साथ मेरी दोस्ती स्वाभाविक रूप से बन गई थी। सेट पर माहौल काफी सहज और सकारात्मक था, जिससे काम करना और भी आसान हो गया। जब आपका रिश्ता ऑफ-स्क्रीन मजबूत होता है, तो वही मजबूती ऑन-स्क्रीन भी नजर आने लगती है। इससे सीन में एक अलग तरह की सच्चाई और ऊर्जा आ जाती है, जो दर्शकों को भी महसूस होती है।”
तमन्ना भाटिया के साथ अपनी केमिस्ट्री पर बात करते हुए डायना ने कहा, ”हम दोनों को कभी भी एक-दूसरे के साथ तालमेल बैठाने में कोई परेशानी नहीं हुई। हमने कई सीन्स में साथ में काम किए और कई बार नए एक्सप्रेशन भी जोड़ पाए। जब कलाकार एक-दूसरे के साथ सहज होते हैं, तो इम्प्रोवाइज करने की आजादी भी मिलती है, जो कहानी को और बेहतर बना देती है।”
उन्होंने कहा, ”मैं और तमन्ना एक-दूसरे के साथ इतने कंफर्टेबल थे कि बिना झिझक अपनी राय रख सकते थे। हमारे बीच कोई औपचारिक भरा रिश्ता नहीं था, जहां हर बात सोच-समझकर कहनी पड़े। हम खुलकर एक-दूसरे से बात कर सकते थे, चाहे वह सीन से जुड़ी सलाह हो या किसी डायलॉग पर चर्चा। ऐसा माहौल हर प्रोजेक्ट में नहीं मिलता और जब मिलता है, तो कलाकारों के काम में उसका साफ असर दिखता है।”
डायना ने कहा, ”कलाकारों की अच्छी बॉन्डिंग काम को आसान बना देती है, लेकिन एक अभिनेता को हर हाल में प्रोफेशनल रहना चाहिए। निजी रिश्ते कभी भी किरदार से बड़े नहीं होने चाहिए। अभिनय एक ऐसी कला है जिसमें अनुशासन और आत्म-नियंत्रण बहुत जरूरी है।”

को-एक्टर्स से दोस्ती हो या न हो, अभिनय पर नहीं पड़ना चाहिए असर : डायना पेंटी
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