बिहार के राघोपुर में गंगा नदी में नाव पलटने से 13 बच्चों की मौत

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हाजीपुर। बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार रात गंगा नदी में एक दर्दनाक नाव हादसे में कम से कम 13 बच्चों की डूबने से मौत हो गई। सभी मृतक बच्चों की उम्र 15 वर्ष या उससे कम बताई जा रही है। नाव में सवार बच्चे बगल के गांव में आयोजित एक भोज कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे, तभी बीच नदी में यह हादसा हो गया। हादसे के बाद बचाव अभियान चलाकर सात लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए नालंदा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एनएमसीएच) और पटना रेफर किया गया है। भोज में शामिल होने जा रहे थे बच्चे, नाव फटने से हुआ हादसा
स्थानीय लोगों के अनुसार, रामपुर श्यामचंद पंचायत के भगतान टोला में माता महारानी स्थान के पास सिंहेश्वर राय के घर श्राद्ध का भोज था। उसी में शामिल होने के लिए लगभग 15 से 20 बच्चे एक छोटी निजी नाव में सवार होकर जा रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शी और स्थानीय निवासी रवि यादव ने बताया:

नाव में तकनीकी खराबी: “नाव बीच गंगा में अचानक फट गई, जिसके कारण उसमें तेजी से पानी भरने लगा और वह डूब गई।”
ग्रामीणों ने शुरू किया बचाव: “चीख-पुकार सुनकर सबसे पहले गांव के लोग ही मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन हम केवल दो-तीन लोगों को ही तत्काल सुरक्षित बाहर निकाल सके।”
प्रशासन की कार्यप्रणाली और अस्पताल की व्यवस्था पर उठे सवाल
हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश देखा गया। जब वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह हालात का जायजा लेने अस्पताल पहुंचीं, तो आक्रोशित ग्रामीणों ने जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
स्थानीय निवासी रवि यादव ने आरोप लगाया कि सूचना देने के बावजूद सरकारी मदद मौके पर लगभग एक घंटे देरी से पहुंची। न तो तुरंत एंबुलेंस आई और न ही एनडीआरएफ की टीम समय पर पहुंची। इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय अस्पताल की अव्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि वहां न तो पर्याप्त स्ट्रेचर थे और न ही वेंटिलेटर या ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था थी। अगर समय पर ऑक्सीजन मिल जाती तो कुछ और बच्चों की जान बचाई जा सकती थी।
प्रशासनिक पक्ष: रातभर चला बचाव अभियान
वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने बताया कि यह घटना मंगलवार रात करीब 8:30 बजे घटी। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम और स्थानीय गोताखोरों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया, जो पूरी रात चला। अब तक 13 बच्चों के शव बरामद किए जा चुके हैं और 7 घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
केंद्र और राज्य सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान, नेताओं ने जताया दुख

प्रधानमंत्री राहत कोष: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
बिहार सरकार की मदद: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हादसे को हृदयविदारक बताते हुए मृतकों के आश्रितों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि देने और घायलों को समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
तेजस्वी यादव का बयान: राघोपुर के स्थानीय विधायक और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने घटना पर स्तब्धता जताते हुए कहा कि वे दिल्ली से लौटते ही सीधे अपने विधानसभा क्षेत्र पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे।

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