विश्व समुद्री दिवस : लहरों पर मंडरा रहा है मौत का खतरा

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-बाल मुकुन्द ओझा
विश्व समुद्री दिवस हर वर्ष सितम्बर माह के अंतिम गुरुवार को मनाया जाता है। इस वर्ष यह दिवस 25 सितंबर 2026 को मनाया जाएगा। यह दिन उस योगदान को उजागर करता है जो हर समुद्री अधिकारी, सेवा एजेंट और नाविक हमारे व्यक्तिगत जीवन में निभाते हैं। समुद्र में जीवन कठिन है।लंबे घंटे, अनिश्चित वेतन, और महीनों तक अपने परिवार से अलग होने का भावनात्मक टोल एक गहन चुनौती हो सकती है। दुनिया का ज़्यादातर व्यापार समुद्रों के रास्ते होता है, लेकिन अब इन्हीं मार्गों पर ड्रोन और मिसाइलें दागी जा रही है। इस वर्ष समुद्री दिवस हम ऐसे वातावरण में मना रहे है जब खाड़ी महायुद्ध के फलस्वरूप समुद्री परिवहन पर संकट के बादल मंडरा रहे है। तेल और अन्य जीवनोपयोगी सामान से लदे जहाजों पर गोलाबारी हो रहे है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्गों में से एक है। लगभग 161 किलोमीटर लम्बे इस समुद्री रास्ते से हर दिन लगभग 2 से 2.1 करोड़ बैरल कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पाद गुजरते हैं जो वैश्विक दैनिक तेल खपत का करीब 20 प्रतिशत और समुद्री तेल व्यापार का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा है। इस समुद्री मार्ग पर खतरनाक बारूदी सुरंगें बिछाने से न केवल जहाजों पर हमले हो रहे है अपितु समुद्री कार्मिक भी मौत के घाट उतारे जा रहे है। इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले तेल के जहाज तय करते हैं कि आपके घर का चूल्हा जलेगा या नहीं। इस दौरान वैश्विक अर्थव्यवस्था भयंकर संकट में फंसी है। इसका कोई समाधान निकट भविष्य में होने की सम्भावना नहीं दिख रही है।
बहरहाल आज हम विश्व समुद्री दिवस की बात कर रहे है यह दिवस 1978 के बाद से, सितंबर के हर आखिरी गुरुवार को मनाया जाता है। यह दिन 1958 में अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन की स्थापना के साथ मेल खाता है। दुनिया का 80 प्रतिशत से अधिक वैश्विक व्यापार अंतर्राष्ट्रीय शिपिंग के माध्यम से होता है। इसका मतलब है कि दुनिया भर में व्यवसायों और घरों में प्रवेश करने वाली अधिकांश उपभोक्ता वस्तुओं को वहां पहुंचाने के लिए जहाज से भेजा जाता था। माल के परिवहन के सबसे किफायती और कुशल रूप के रूप में, समुद्री गतिविधि दुनिया के व्यापार उद्योग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है। वर्तमान में खाड़ी महायुद्ध में समुद्री परिवहन की स्थिति बद से बदतर हो रही है।
बताया जाता है कि 1,10,000 जहाज़ और 20 लाख से ज़्यादा नाविक ही दुनिया की अर्थव्यवस्था चला रहे हैं। अगर समुद्री रास्ते सुरक्षित नहीं हैं, तो वैश्विक आपूर्ति शृंखला के बाधित होने का ख़तरा बना रहेगा। प्रकृति और मनुष्य के बीच बहुत गहरा संबंध है। दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। समुद्र जलवायु को नियंत्रित करता है, सर्दियों में गर्मी और गर्मियों में ठंडी हवा देता है। यह हमें भोजन और दवाओं के साथ-साथ परिवहन भी देता है। समुद्र से मानव को एक नहीं अनेक लाभ है। भूमि पर वर्षा, तापमान के संतुलन, खनिज के भंडार, मछलियों की बहुतायत से सुलभता और प्राकृतिक सौन्दर्य के साथ आवागमन के साधन भी महासागर उपलब्ध करते है। प्राचीन काल से लोग सागर की यात्रा करने और इसके रहस्यों को जानने की कोशिश में लगे रहे हैं, परंतु माना जाता है कि समुद्र के वैज्ञानिक अध्ययन जिसे समुद्र विज्ञान कहते हैं की शुरुआत कप्तान जेम्स कुक द्वारा 1768 और 1779 के बीच प्रशांत महासागर के अन्वेषण के लिए की गयीं समुद्री यात्राओं से हुई।
पृथ्वी पर जीवन का आरंभ समुद्र से माना जाता है। इसमे मनुष्य जीवन के साथ -साथ समुद्री जीव जंतु और पेड़ पौधों का जीवन निर्वाह होता है। सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रूप से ये हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण और लाभदायक है। समुद्र असीम जैव विविधता का भंडार है। हमारी पृथ्वी का लगभग 70 प्रतिशत भाग महासागरों से घिरा है। महासागरों में पृथ्वी पर उपलब्ध समस्त जल का लगभग 97 प्रतिशत जल समाया हुआ है। महासागरों की विशालता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यदि पृथ्वी के सभी महासागरों को एक विशाल महासागर मान लिया जाए तो उसकी तुलना में पृथ्वी के सभी महाद्वीप एक छोटे द्वीप से प्रतीत होंगे।
समुद्र दुनिया भर के लोगों के लिए भोजन, मुख्य रूप से मछली उपलब्ध कराता है किंतु इसके साथ ही यह कस्तूरों, सागरीय स्तनधारी जीवों और सागरीय शैवाल की भी पर्याप्त आपूर्ति करता है। सागर के अन्य मानव उपयोगों में व्यापार, यात्रा, खनिज दोहन, बिजली उत्पादन और नौसैनिक युद्ध शामिल हैं, वहीं आनंद के लिए की गयी गतिविधियों जैसे कि तैराकी, नौकायन और स्कूबा डाइविंग के लिए भी सागर एक आधार प्रदान करता है। समुद्र तटों की सैर मानव जीवन को अपार आनंद की अनुभूति कराते है। ये तट प्रमुख पर्यटनीय स्थलों के रूप में विकसित हो रहे है जहाँ प्रति वर्ष लाखों लोग अठखेलियों के लिए आते है। प्राकृतिक दृश्य मन मोह लेने वाला है। वास्तव में यहां का मनोरम दृश्य तुलना से परे है।

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