माइनिंग व पेट्रोलियम सेक्टर में 33 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों पर कार्य प्रगति पर, अब तक 15 हजार करोड़ का निवेश -एसीएस माइंस

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जयपुर। अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम अपर्णा अरोरा ने बताया है कि राइजिंग राजस्थान के दौरान पेट्रोलियम एवं माइनिंग सेक्टर के निवेश समझौतों में 33 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर काम प्रगति पर होने के साथ ही 15 हजार करोड़ रुपये का निवेश भी हो चुका है। उन्होंने बताया कि इनमें से 6 हजार 500 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव लगभग पूर्णता की और हैं। अपर्णा अरोरा गुरुवार को सचिवालय में राइजिंग राजस्थान के दौरान माइनिंग सेक्टर के निवेश प्रस्तावों की प्रगति समीक्षा कर रही थीं। उन्होंने बताया कि राइजिंग राजस्थान के दौरान प्रदेश में कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस, डीपीएनजी-सीएनजी आधारभूत संरचना विकास, सीमेंट प्लांट, कॉपर व माइनर-मेजर मिनरलों से संबंधित निवेश प्रस्तावों पर एमओयू संपन्न हुए थे। उन्होंने बताया कि करीब 2230 करोड़ रु. के निवेश से अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट का कार्य पूरा होकर शुरु हो गया है। इसी तरह से हिन्दुस्तान कॉपर खेतड़ी में प्लांट क्षमता विस्तार पर एक हजार करोड़ का निवेश कार्य पूरा होने को है। इण्डियन ऑयल द्वारा 3600 करोड़ रु. की लागत से मूंदड़ा से कच्चे तेल की पाइप लाइन बिछाने का काम भी लगभग पूरा हो गया है। इसी तरह से माइनिंग सेक्टर में 100 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों पर भी काम पूरा हो चुका है। अपर्णा अरोरा ने विभागीय अधिकारियों को निवेशकों से समन्वय बनाते हुए निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतरवाने के समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि माइनिंग व पेट्रोलियम सेक्टर के निवेश समझौते के धरातल पर उतरने से माइनिंग सेक्टर में निवेश के साथ ही रोजगार के अवसर विकसित होंगे और राज्य सरकार के राजस्व में भी बढ़ोतरी हो सकेगी। नोडल अधिकारी अधीक्षण भूवैज्ञानिक संजय सक्सैना ने विस्तार से प्रगति से अवगत कराया। एमओयू प्रगति समीक्षा बैठक में विशिष्ट सचिव माइंस नम्रता वृष्णि, निदेशक पेट्रोलियम अवधेश सिंह, अधीक्षण खनि अभियंता एनएस शक्तावत, विशेषाधिकारी श्रीकृष्ण शर्मा ने हिस्सा लिया।

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