बंबीहा गैंग के 3 वांछितों को मलेशिया से भारत लाया गया, अब तक 51 कुख्यात अपराधी गिरफ्त में : गृह मंत्रालय

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नई दिल्ली। भारतीय एजेंसियों ने मलेशिया में कार्रवाई करते हुए तीन फरार भारतीय गैंगस्टरों को पकड़ा है। उन्हें भारत वापस लाकर पुलिस हिरासत में सौंप दिया गया है। तीनों आरोपी कथित तौर पर बंबीहा गैंग से जुड़े हैं और उनके खिलाफ कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं। गृह मंत्रालय की ओर से कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी के ‘सुरक्षित भारत’ के विजन के तहत भारतीय एजेंसियां विदेशों में छिपे कुख्यात अपराधियों को भारत वापस लाने के लिए लगातार काम कर रही हैं। गृह मंत्रालय की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा गया कि भारतीय एजेंसियों ने मलेशिया में तीन फरार भारतीय गैंगस्टरों को पकड़ा, उन्हें भारत वापस भेजा और पुलिस कस्टडी में सौंप दिया। ये फरार अपराधी जसप्रीत सिंह, अजय सिंह और पवनदीप सिंह हैं जो कि बंबीहा गैंग से जुड़े हैं और उन पर कई अपराधों के आरोप हैं। इनमें जबरन वसूली, सीमा पार हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी और लुधियाना में ग्रेनेड हमले की नाकाम कोशिश शामिल है। पीएम मोदी के सुरक्षित भारत के विजन के तहत, हमारी एजेंसियों ने अकेले 2026 में 51 कुख्यात अपराधियों को वापस लाने में मदद की है।
इसी मामले में 19 अगस्त को पंजाब डीजीपी ने कहा कि पंजाब पुलिस अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध नेटवर्क को खत्म करने के लिए लगातार काम कर रही है। भगोड़े चाहे कहीं भी छिपे हों, हम उन्हें ढूंढ निकालेंगे और कानून के दायरे में लाएंगे। इन आरोपियों की पहचान जसप्रीत सिंह उर्फ बहबल के रूप में हुई है। यह फरीदकोट का रहने वाला है। वहीं, दूसरी अपराधियों की पहचान अजय सिंह और पवनदीप सिंह के रूप में हुई है। यह दोनों अपराधी राजस्थान के गंगानगर से हैं।
डीजीपी यादव ने बताया कि इन सभी आरोपियों को मलेशिया से भारत निर्वासित होने के बाद दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद इन सभी आरोपियों को पंजाब में जांच के लिए लाया गया है।
यह तीनों आरोपी मलेशिया से जुड़े दविंदर बंबीहा गैंग में शामिल थे। यह सभी आरोपी कई तरह की आपराधिक गतिविधियों में शामिल थे, जिसमें हत्या, वसूली, विस्फोटक पदार्थों की आपूर्ति और लुधियाना में सुनियोजित तरीके से हैंड ग्रेनेड विस्फोट शामिल था। इसके तार पाकिस्तान के आईएसआई से जुड़े भी बताए गए हैं।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (खुफिया प्रतिरक्षित) अमित प्रसाद ने बताया कि निर्वासन और इन भगोड़े आरोपियों की गिरफ्तारी इस इंटेलिजेंस की ओर से लगातार की जा रही कार्रवाई का ही नतीजा है। यह कार्रवाई पिछले कई महीनों से जारी है। इस कार्रवाई के तहत सभी भगोड़े अपराधियों की गतिविधियों की करीब से निगरानी की जा रही थी।

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